Maharashtra: जयंत पाटिल अजित पवार से मिलने विधान भवन पहुंचे, कहा- मना लेंगे

देवेंद्र फडणवीस ने भले ही राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है, लेकिन उनके सामने अभी भी बहुमत साबित करने की एक बड़ी चुनौती खड़ी है.
Maharashtra Government Formation, Maharashtra: जयंत पाटिल अजित पवार से मिलने विधान भवन पहुंचे, कहा- मना लेंगे

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भले ही शपथ ले ली है, लेकिन उनके सामने बहुमत साबित करने की एक बड़ी चुनौती खड़ी है. वहीं अजित पवार के खेमे का दावा है कि नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 28 विधायक उनके साथ हैं. लेकिन पार्टी का दावा है कि उनके विधायक नहीं टूटेंगे और वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपना समर्थन नहीं देंगे. शिवसेना भी राज्य में सरकार बनाने को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. रविवार को अपने एक बयान में शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया था कि अगर हमें अभी बोला जाए, तो हम अभी के अभी बहुमत साबित कर सकते हैं.

Live Updates- 

  • जयंत पाटिल अजित पवार से मिलने विधान भवन पहुंचे, कहा- अजित पवार को मना लेंगे
  • कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा- आज महाराष्ट्र में एक नाजायज सरकार बैठी है. मेरे पास 154 विधायकों का समर्थन है. हम उद्धव ठाकरे के साथ सरकार बनाना चाहते हैं. असलियत जानने के लिए फ्लोर टेस्ट बेहतर तरीका है. हम चाहते हैं कि 24 घंटे में फ्लोर टेस्ट हो, यही हमारी कोर्ट से गुजारिश है. हमें उम्मीद है कि कल सुप्रीम कोर्ट ऐसा ही फैसला देगी.
  • NCP नेता जयंत पाटिल ने कहा- 54 में से 51 विधायक हमारे साथ, हमें बनाने दो सरकार
  • शिवसेना विधायकों को ललित होटल से लेमन ट्री होटल शिफ्ट कराने के लिए दो बसें आईं
  • देवेंद्र फडणवीस मंत्रालय पहुंचे, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम यशवंतराव चह्वाण के चित्र पर माल्यार्पण किया
  • महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना नेताओं ने सभी विधायकों के समर्थन का शपथ पत्र सौंप दिया है.

  • शरद पवार ने कराड में माना- हां, हमने शिवसेना से ढाई साल मुख्यमंत्री पद की मांग की थी
  • CM देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी CM अजित पवार ने विधानभवन के भीतर महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री YB Chavan को श्रद्धांजलि दी.
  • छगन भुजबल ने अजित पवार से मिलने के बाद TV9 भारतवर्ष से कहा- हमने अजित से कहा घर टूटना नहीं चाहिए. उन्होंने हमें चाय पिलाई.
  • शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस नेता राजभवन पहुंच चुके हैं. ये सभी राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
  • शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि आज शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस राज्यपाल से मिलने जाएंगे.

  • एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि उनकी पार्टी बीजेपी को समर्थन नहीं देगी और वे शिवसेना का साथ नहीं छोड़ेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को समर्थन देना अजित पवार का निजी फैसला था.
  • अजित पवार को मनाने की कोशिश तेज. उन्हें मनाने उनके घर पहुंचे छगन भुजबल.
  • शेर के जरिए एनसीपी नेता नवाब मलिक का बीजेपी पर हमला. ट्वीट कर लिखा, “अगर फलक को जिद है बिजलियां गिराने की, तो हमें भी जिद है वहीं पर आशियां बसाने की… हम होंगें कामयाब.”

  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्यपाल से मुलाकात करेगी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी – सूत्र
  • सरकार बनाने का दावा पेश करेगी शिवसेना. 160 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपने की तैयारी – सूत्
  • 52 विधायक हमारे साथ हैं – एनसीपी नेता नवाब मलिक
  • NCP के 4 लापता विधायकों में से 2 मुंबई पहुंचे. NCP का दावा गुरुग्राम के होटल में रखा गया था.
  • सॉलिसिटर जनरल तुषर मेहता राज्यपाल की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में देंगे जवाब
  • अजित पवार के खेमे को मिल सकते है 12 मंत्री पद- सूत्र

तीनों पक्ष को नोटिस भेज मांगा जवाब

रविवार को महाराष्ट्र में बीजेपी के सरकार बनाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को सोमवार सुबह 10:30 बजे तक फडणवीस और अजित पवार का समर्थन पत्र दिखाने को कहा है. इतना ही नहीं कोर्ट ने केंद्र सरकार से राज्यपाल के आदेश को भी मांगा है.

ऑपरेशन लोटस

इसी बीच बीजेपी ने ऑपरेशन लोटस की शुरुआत करते हुए विधायकों को जुटाने का काम शुरू कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी ने पार्टी के चार दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी दी है, जो कि पहले कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना में रह चुके हैं. इन दिग्गज नेताओं में राधाकृष्ण विखे पाटिल, गणेश नाइक, नारायण राणे और बबनराव पचपुते का नाम शामिल हैं.

इन नेताओं में सबसे बड़ा नाम नारायण राणे का है, जो कि शिवसेना में रह चुके हैं. साल 2005 में उन्होंने शिवसेना छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया था. माना जाता है कि राणे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की कभी नहीं बनी थी. दोनों के बीच राजनीतिक विवाद अकसर दिखाई देते थे. राणे राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं.

राणे कांग्रेस में आने के बाद भी राजनीतिक मतभेदों के चलते पार्टी में अपनी जगह सुरक्षित नहीं रख सके और उन्हें साल 2008 में पार्टी से निष्काषित कर दिया गया. हालांकि 2009 में उन्होंने सोनिया गांधी को अपना मांफीनामा पत्र दिया, जिसके बाद उनका निलंबन रद्द किया गया.

कई साल उन्होंने पार्टी के साथ काम किया और फिर साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया और महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष नामक पार्टी लॉन्च की. साल 2018 में उन्होंने बीजेपी को समर्थन दिया और नोमिनेट होकर राज्य सभा पहुंचे. 15 अक्टूबर, 2019 को नारायण राणे ने आधिकारिक तौर पर बीजेपी ज्वाइन की और उनकी पार्टी महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष का बीजेपी के साथ विलय हो गया.

 

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