महाराष्ट्र महा विकास गठबंधन: शिवसेना ने कांग्रेस-NCP से मिलाया हाथ, सीएम बनाने के इन फॉर्मूलों पर होगी चर्चा

बीजेपी के साथ 50-50 फॉर्मूले पर बात नहीं बनने के बाद कांग्रेस-एनसीपी के साथ शिवसेना ने दो नए फॉर्मूलों का विकल्प पेश किया है.

महाराष्ट्र में मचा सियासी बवाल संभलता हुआ दिख रहा है. चुनाव पूर्व बीजेपी के साथ गठबंधन कर लड़ने वाली शिवसेना ने अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने की तैयारी कर ली है. बीजेपी के साथ 50-50 फॉर्मूले पर बात नहीं बनने के बाद कांग्रेस-एनसीपी के साथ शिवसेना ने दो नए फॉर्मूलों का विकल्प पेश किया है.

पहला फॉर्मूला वही 50-50 का है. जिसके तहत ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री रहेगा और अगले ढाई साल एनसीपी का. वहीं कांग्रेस को इस फॉर्मूले के तहत उप मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी. शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के बीच गठबंधन के दूसरे फॉर्मूले में पांचों साल मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा और डिप्टी सीएम की कुर्सी एनसीपी और कांग्रेस को मिलेगी. महाराष्ट्र में शिवसेना अपने नए सहयोगियों से बातचीत कर किसी एक फॉर्मूले पर फैसला लेगी.

महाराष्ट्र सरकार में मंत्रालय के बंटवारे पर भी फॉर्मूला सामने आया है. इसके तहत चार विधायकों के पीछे एक मंत्री बनाया जाएगा. जैसे शिवसेना के 56 विधायक हैं तो उनकी पार्टी से 14 मंत्री बनेंगे. एनसीपी के 54 विधायक हैं तो उनकी पार्टी से 14 मंत्री होंगे. इसी आधार पर कांग्रेस के 11 मंत्री होंगे क्योंकि उनके 44 विधायक हैं. बाकी बचे 3 मंत्रालय सभी पार्टियों के बीच बराबर बांटे जाएंगे.

शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के इस गठबंधन का नाम महा विकास गठबंधन होगा. ये गठबंधन शनिवार को गवर्नर से मुलाकात करेगा. महाराष्ट्र सरकार के गठन से पहले एक ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है.

इस ड्राफ्ट में किसान और अर्थव्यवस्था पर ज्यादा जोर दिया गया है. महाराष्ट्र की नई सरकार किसान, छोटे वर्कर, उद्योग, छोटे दुकानदार, छोटे उद्योग का विशेष ध्यान रखेगी. इसके अलावा निर्यात, आदीवासी और दलितों का विशेष ध्यान रखने के लिए भी कांग्रेस ने सरकार बनने से पहले ड्राफ्ट में ज़ोर दिया है. महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार सभी क्षेत्रों का बराबर विकास और सूखे से प्रभावित इलाकों पर ज्यादा फोकस करेगी.

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