केकड़ों ने कर दिया छेद इसलिए टूट गई बांध की दीवार, महाराष्ट्र के मंत्री का बयान

चिपलुन तालुका स्थित बांध तटीय कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण मंगलवार रात को टूट गया था.

मुंबई: महाराष्ट्र के तटीय रत्नागिरी जिले में तिवारे बांध टूटने की घटना में अभी तक कुल 18 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं बांध टूटने को लेकर नए-नए कारणों का भी खुलासा हो रहा है.

महाराष्ट्र के जल संरक्षण मंत्री तानाजी सावंत के मुताबिक तवरे डैम में पहले कोई लीकेज नहीं था लेकिन हाल में बांध के पास बड़ी संख्या में केकड़े इकट्ठा हो गए. जिसके बाद लीकेज हुआ.

तानाजी सावंत ने कहा कि इस डैम में बड़ी संख्या में केकड़े पाए जाते हैं, जिन्होंने डैम की दीवार में छेद कर दिया, इससे पानी का लीकेज हुआ और इसी के कारण बांध की दीवार टूट गई.

मंत्री जी का कहना है कि स्थानीय लोग इस समस्या को लेकर उनके पास आए थे और विभाग की ओर से फौरन इसपर काम भी किया गया.

सावंत ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने इसकी एसआईटी जांच के निर्देश दिए हैं. जांच के बाद विस्तृत जानकारी सामने आएगी.

बता दें कि चिपलुन तालुका स्थित बांध तटीय कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण मंगलवार रात को टूट गया था. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कम से कम पांच अन्य लोग अब भी लापता हैं. तिवरे डैम में बारिश के चलते पहले ही जलस्तर बहुत बढ़ गया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ था.

माना जा रहा है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. मृतकों के परिवारों में घटना के बाद से कोहराम मचा हुआ है. लापता लोगों के अपने भी इस बात की दुआ कर रहे हैं कि गुमशुदा लोग सही सलामत वापस आ जाएं.

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बता दें, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) लगातार तलाश अभियान में जुटे हैं. कुछ शवों की पहचान चन्द्रभागा चव्हाण (75), आत्माराम चव्हाण (75) और उनके परिजन पांडुरंग (55), शारदा (44), दशरथ (20), संदेश धाड़वे (18), नंदराम (55), वैष्णवी (20), अनुसुइया (70), रविन्द्र (45), राकेश घनेकर (30), सुनील पवार (33) और रितुजा चव्हाण (26) के रूप में हुई है.