बुलेट ट्रेन की बली लेगी महाराष्ट्र की नई सरकार!

बुलेट ट्रेन परियोजना की अनुमानित लागत 1.08 लाख करोड़ रुपये है. यह परियोजना जापान की मदद से पूरी की जा रही है और इसके 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है.

महाराष्ट्र के सियासी ड्रामे का अंत होते दिख रहा है लेकिन ड्रामे का ये अंत नए विवादों को भी जन्म दे सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र में सरकार बनाने की तैयारी में जुटी तीनों पार्टियां बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए लगाए जाने वाले पैसों को किसानों की बेहतरी के लिए उपयोग में लाने की योजना बना रही हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन दलों से जुडे़ सूत्रों ने बताया है कि शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस द्वारा तैयार किए जा रहे एक संभावित कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में कर्ज माफी पर बड़ा जोर दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल लाइन के निर्माण की लागत में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी का पैसा अब किसानों को दिया जाएगा.

बुलेट ट्रेन परियोजना की अनुमानित लागत 1.08 लाख करोड़ रुपये है. यह परियोजना जापान की मदद से पूरी की जा रही है और इसके 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है. कांग्रेस और शिवसेना दोनों ने बुलेट ट्रेन परियोजना का विरोध किया है.

मालूम हो कि राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद भी किसी दल ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया था. तभी से राज्य राष्ट्रपति शासन के अधीन है. अब चुनाव पूर्व बीजेपी के साथ गठबंधन कर लड़ने वाली शिवसेना ने चुनाव बाद कांग्रेस-एनसीपी के साथ हाथ मिलाने का मन बना लिया है.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना ने दो नए फॉर्मूले इजात किए हैं. पहले फॉर्मूले के ढाई साल शिवसेना तो बाकी के ढाई साल एनसीपी का मुख्यमंत्री होगा. इस फॉर्मूले में कांग्रेस पार्टी को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिली है. दूसरे फॉर्मूले के तहत पांचों साल शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा और डिप्टी सीएम कांग्रेस-एनसीपी का बनाया जाएगा.

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