‘फडणवीस ने शुभ मुहूर्त पर श्राप दिया, ये उनका भ्रम है’, सामना के जरिए शिवसेना का तीखा वार

नई सरकार को लेकर सामना में लिखा है कि महाराष्ट्र में ये सरकार विकास के मुद्दों पर बनी है तथा राज्य के विकास के लिए तीनों पार्टियों में कोई मतभेद नहीं है.
Saamana targets Devendra Fadnavis, ‘फडणवीस ने शुभ मुहूर्त पर श्राप दिया, ये उनका भ्रम है’, सामना के जरिए शिवसेना का तीखा वार

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे आज महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. शपथ से पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है. वहीं नई सरकार को लेकर सामना में लिखा है कि महाराष्ट्र में ये सरकार विकास के मुद्दों पर बनी है तथा राज्य के विकास के लिए तीनों पार्टियों में कोई मतभेद नहीं है.

‘स्वतंत्रता दिवस जैसा उत्सव’

सामना में लिखा, ”महाराष्ट्र में नया सूर्योदय हुआ है. मुंबई सहित संयुक्त महाराष्ट्र की घोषणा होते ही महाराष्ट्र के मन में आनंद की तरंगें उठी थीं. आज उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. शिवसेना के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी की सरकार बनेगी. 15 अगस्त, 1947 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जैसा शानदार समारोह महाराष्ट्र सहित पूरे हिंदुस्थान में मनाया गया था, वही आनंद और जोश आज महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में दिख रहा है.”

‘जिम्मेदारी को शिद्दत से निभाते हैं’

सामना में लिखा ”शिवसेना का मुख्यमंत्री और उसमें भी उद्धव ठाकरे इस पद पर विराजमान हो रहे हैं, ये महाराष्ट्र का भाग्य है. यह समारोह मराठी माणुस को धन्यता महसूस कराने वाला है. जो श्री उद्धव ठाकरे को पहचानते हैं, उनके मन में ये विश्वास है कि जब वे कोई जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं तो उसे पूरी शिद्दत से निभाते हैं.

उद्धव ठाकरे की विशेषता है कि बाहर तूफान होने के बावजूद वे शांत रहते हैं और शांत होने पर तूफान खड़ा कर देते हैं. देश के बड़े-बड़े नेता दिल्लीश्वरों के आगे घुटने टेक रहे हैं, ऐसे में उद्धव ठाकरे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुके.”

‘शुभ मुहूर्त पर दिया’

महाविकास आघाड़ी का जिक्र करते हुए सामना में लिखा, ”स्वाभिमान को गिरवी नहीं रखा और जिन लोगों ने बालासाहेब की साक्षी में ‘झूठ’ बोलने का प्रयास किया, उस ढोंग से हाथ नहीं मिलाया. ‘कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना की सरकार तीन पैरों पर खड़ी है और ये नहीं टिकेगी’, ऐसा शाप देवेंद्र फडणवीस ने शुभ मुहूर्त पर दिया है. लेकिन ये उनका भ्रम है. ये सरकार राष्ट्रीय मुद्दों पर नहीं बल्कि महाराष्ट्र और विकास के मुद्दों पर बनी है तथा राज्य के विकास के लिए तीनों पार्टियों में कोई मतभेद नहीं है.”

‘एक-दूसरे के प्रति मैल नहीं’

महाराष्ट्र में बीती सरकार का जिक्र करते हुए सामना में लिखा,  ”शरद पवार जैसे अनुभवी मार्गदर्शक हमारे साथ हैं. तीनों पार्टियों में प्रशासनिक जानकारी रखनेवाले लोगों की फौज है. मुख्य बात ये है कि किसी के मन में एक-दूसरे के प्रति मैल नहीं है. सरकार अपना काम करे और गत चार दिनों में जो कुछ हुआ, उस कीचड़ में पत्थर न फेंकते हुए विरोधी दल सकारात्मक नीति अपनाए. लोकतंत्र के यही संकेत हैं.

दहशत पैदा करके सरकार बनाने और गिराने का खेल देश में गत 5 साल चला. उद्धव ठाकरे की नई सरकार उसी महाराष्ट्र धर्म का पालन करेगी. महाराष्ट्र धर्म की नई सरकार आई है. जो कहते थे ‘देखते हैं कैसे आती है’, वे भी महाराष्ट्र धर्म का मर्म जांच लें. उद्धव की सरकार शुरू हो रही है. उन्हें शुभकामनाएं!!”

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