महाराष्‍ट्र में बीजेपी सरकार बनते ही कहां लापता हो गए शरद पवार के करीबी प्रफुल्‍ल पटेल?

अब शरद पवार कोशिश कर हैं कि कैसे भी करके अजित पवार के साथ गए विधायकों को वापस बुलाया जाए.
Praful Patel missing in action, महाराष्‍ट्र में बीजेपी सरकार बनते ही कहां लापता हो गए शरद पवार के करीबी प्रफुल्‍ल पटेल?

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में शरद पवार कई दिनों से एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना की सरकार बनवाने में जुटे थे, लेकिन ऐन मौके पर उनके भतीजे अजित पवार ने पासा पलट दिया. एनसीपी विधायकों के समर्थन से अजित पवार ने बीजेपी की सरकार महाराष्‍ट्र में बनवा दी. देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार सुबह सीएम पद की शपथ ली और अजित पवार डिप्‍टी सीएम बन गए.

इस घटना के बाद शरद पवार चारों तरफ से घिर गए. कांग्रेस और शिवसेना दोनों शरद पवार बचते-बचाते हमले किए. अब शरद पवार कोशिश कर हैं कि कैसे भी करके अजित पवार के साथ गए विधायकों को वापस बुलाया जाए. इस प्रयास में एनसीपी काफी हद तक सफल रही है. शरद पवार ने भतीजे अजित पवार को भी ऑफर दिया है कि वह घर लौट आएं. आगे क्‍या होता है यह तो अभी पता नहीं है, लेकिन इस पूरे घटनाचक्र को गौर से देखने पर पता चलता है कि शरद पवार के एक और करीबी प्रफुल्‍ल पटेल पूरे परिदृश्‍य से गायब हैं.

प्रफुल्‍ल पटेल शुक्रवार रात तक महाराष्‍ट्र की सियासी पिक्‍चर में दिख रहे थे, लेकिन बीजेपी सरकार बनने के बाद न तो उनका कोई बयान आया है और न ही वह मीडिया के सामने आए. शुक्रवार को उन्‍होंने शरद पवार के बयान को काटते हुए कहा था कि सीएम पद पर अभी बात होनी है, कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है. जब उनसे पूछा गया कि शरद पवार तो उद्धव ठाकरे के नाम का ऐलान कर चुके हैं तो उन्‍होंने कहा, ‘मैं उनके बयान पर कोई टिप्‍पणी नहीं सकता.’

एनसीपी के एक सूत्र ने कहा है कि घोटाले में जांच से बचने के लिए वह शांत हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा कि जब शरद पवार खुद सारा मामला संभाल रहे हैं तो किसी और की क्या जरूरत है? वहीं, पार्टी के कुछ लोगों का कहना है कि प्रफुल्ल पटेल को अजित पवार के विद्रोह की भनक लगी थी, लेकिन उन्होंने पार्टी को समय पर सूचित नहीं किया. एनसीपी नेता उन्हें लेकर चौकन्ना हैं.

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