ठाकरे परिवार का सांपों से प्यार: तीन पीढ़ियों का है कनेक्शन

बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे से चलकर सांप-प्रेम तीसरी पीढ़ी यानी तेजस ठाकरे तक पहुंचा है.
Thackeray family has a special connection with snakes, ठाकरे परिवार का सांपों से प्यार: तीन पीढ़ियों का है कनेक्शन

महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे फोटोग्राफी के शौकीन हैं इसका पता तो आपको होगा ही, लेकिन उन्हें वन्य जीवों खास तौर से सांपों में दिलचस्पी है इसकी जानकारी शायद कम लोगों को होगी.

बालासाहेब ठाकरे से ही इस कनेक्शन की शुरुआत होती है, उन्होंने कुछ समय तक सांपों के साथ काम किया था. सबसे आगे उद्धव के छोटे बेटे तेजस हैं, उन्होंने हाल ही में सांप की एक नई प्रजाति खोजी जिसका नाम बोइगा ठाकरेयी रख गया.

Thackeray family has a special connection with snakes, ठाकरे परिवार का सांपों से प्यार: तीन पीढ़ियों का है कनेक्शन
तेजस ठाकरे और उनका खोजा हुआ सांप

पुण के कटराज स्नेक पार्क के संस्थापक नीलिमकुमार खैरे ठाकरे परिवार की तीन पीढ़ियों के सांप-प्रेम के गवाह हैं. 1995 में कटराज स्नेक पार्क में उद्धव को जाने नहीं दिया गया था. बुधवार होने के कारण पार्क बंद था. इस पर शिवसेना कार्यकर्ताओं और पार्क के गार्ड्स के बीच बहस हो गई. खैरे गेट खुलवाने से इनकार कर दिया.

शिवसेना कार्यकर्ताओं ने खैरे को उस गाड़ी की तरफ इशारा किया जिसमें उद्धव ठाकरे बैठे थे. खैरे ने उद्धव को समझाया कि स्नेक पिट्स की सफाई होती है और इसके लिए बुधवार को पार्क बंद रखा जाता है. उद्धव ने शांति से बात सुनी, समझी और अपने लोगों को समझाकर वहां से भेज दिया. अगले दिन सिर्फ अपने बेटे तेजस के साथ पार्क में आए.

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उद्धव ठाकरे ने पार्क में घूम-घूमकर पूरा दिन सांप की प्रजातियों के बारे में जानकारी इकट्ठा की. पुणे जाने पर उद्धव स्नेक पार्क से तीन किलोमीटर दूर मुकुंदनगर में अपने दोस्त के घर रुकते थे. पुणे या कार्ला का चक्कर लगने पर वे स्नेक पार्क जरूर जाते थे.

खैरे बताते हैं कि एक बार पुणे के चिड़ियाघर में वे उद्धव के साथ गए. जब उद्धव ठाकरे वहां तस्वीरें खींच रहे थे तो खैरे ने उनसे कहा कि हमारे पास सांपों की प्रजातियों की फोटो लेने के लिए योग्य लोग नहीं हैं. इस पर उद्धव ठाकरे ने अपनी खींची हुई सारी तस्वीरें दे दीं और उनके लिए क्रेडिट भी नहीं लिया.

बाल ठाकरे का सांप प्रेम

खैरे ने 1970 की एक घटना का जिक्र किया जब वे माथेरन में एक होटल में कार्यरत थे. एक सुबह बालासाहेब ठाकरे हाथ में सांप लेकर वाइल्डलाइफ कार्यकर्ता खैरे के पास पहुंचे. खैरे को उन्होंने बताया कि इस सांप को कुछ लोग मारने जा रहे थे, मैं इसे बचाकर ले आया. खैरे ने उन्हें बताया कि ये जहरीला सांप है तो वे हंस दिए.

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