महाराष्‍ट्र: बड़े भाई ने बड़ा दिल दिखाया तो फिर एक हो सकते हैं बीजेपी-शिवसेना!

पीएम नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के प्रति उद्धव ठाकरे की नरमी बताती है कि रिश्‍तों में गरमी किसी भी वक्‍त बढ़ सकती है.
uddhav thackeray chemistry with narendra modi, महाराष्‍ट्र: बड़े भाई ने बड़ा दिल दिखाया तो फिर एक हो सकते हैं बीजेपी-शिवसेना!

मुंबई: बीजेपी से अलग होकर कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने वाले शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति बेहद नरम रुख अपनाते नजर आ रहे हैं.

रविवार को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उद्धव ठाकरे ने खुलासा किया कि जब पीएम मोदी ने उन्‍हें बधाई देने के लिए फोन किया तब दोनों के बीच क्‍या बातचीत हुई थी.

उद्धव ठाकरे ने बताया कि शपथ ग्रहण के बाद बधाई देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का फोन आया था. इस दौरान उद्धव ठाकरे ने पीएम से कहा, ‘आपने मुझे भरी सभा में छोटा भाई कहा है, ऐसे में भाई-भाई का नाता टिकना चाहिए.’

उद्धव ठाकरे ने जब सीएम पद की शपथ ली, तब पीएम मोदी ने ट्वीट भी करके लिखा था, ‘उद्धव ठाकरे जी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की बधाई. मुझे पूरा विश्वास है कि वह महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करेंगे.’

शरद पवार की मौजूदगी में जब उद्धव ठाकरे को कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना गठबंधन का नेता चुना गया था, तब भी शिवसेना सुप्रीमो ने पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आदर व्‍य‍क्‍त किया था. उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘बड़े भाई से मिलने जल्‍दी दिल्‍ली जाऊंगा.’ इसके बाद जब उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ले ली, तब सामना में पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे को भाई-भाई बताया गया.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा, ‘मोदी जी पूरे देश के प्रधानमंत्री है, इसलिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार को साथ-साथ चलना होगा.’

सामना में आगे लिखा गया, ‘महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा, शिवसेना में अनबन है, लेकिन नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे का रिश्ता भाई-भाई का है. इसलिए महाराष्ट्र के छोटे भाई को प्रधानमंत्री के रूप में साथ देने की जिम्मेदारी मोदी की है. प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, सिर्फ एक पार्टी के नहीं होते.’

बात सिर्फ यहीं तक नहीं है, उद्धव ठाकरे ने शपथ ग्रहण से पहले खुद पीएम नरेंद्र मोदी को फोन करके न्‍योता दिया था. पीएम मोदी ने उस वक्‍त उद्धव ठाकरे को शुभकामनाएं भी दी थीं.

पीएम मोदी ही नहीं, रविवार को महाराष्‍ट्र विधानसभा में विश्‍वास मत पर चर्चा के दौरान उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस की भी जमकर प्रशंसा की. उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘मैंने देवेंद्र फडणवीस से काफी कुछ सीखा है, वह हमेशा मेरे मित्र रहेंगे.’ साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि वह देवेंद्र फडणवीस को नेता प्रतिपक्ष नहीं बल्कि एक जिम्‍मेदार लीडर मानते हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के प्रति उद्धव ठाकरे की ये नरमी बताती है कि रिश्‍तों में गरमी किसी भी वक्‍त बढ़ सकती है. सियासत में कब क्‍या हो जाए कहा नहीं जा सकता. कौन जानता था कि उद्धव ठाकरे कभी शरद पवार के साथ हाथ भी मिला सकते हैं. जिस कांग्रेस, एनसीपी के खिलाफ बाल ठाकरे ने जीवन भर सियासत की, उन्‍हीं पार्टियों के समर्थन से उद्धव एक दिन सीएम बन जाएंगे.

बात सिर्फ उद्धव ठाकरे के बयानों की नहीं है, पीएम मोदी ने भी उद्धव के प्रति नरम रवैया अपनाया हुआ है. संभव है कि जिस तरह नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल होने के कुछ दिनों बाद ही एनडीए में वापस लौट आए थे, ठीक वैसा ही कुछ महीनों बाद महाराष्‍ट्र में होता नजर आए. इसके पीछे ठोस कारण यह है कि शिवसेना का गुजारा हिंदुत्‍व के बिना चलने वाला नहीं है और कांग्रेस, एनसीपी को हिंदुत्‍व बर्दाश्‍त नहीं है.

खुद उद्धव ठाकरे ने रविवार को महाराष्‍ट्र विधानसभा में कहा, ‘मैं अभी भी हिंदुत्‍ववादी विचारधारा के साथ हूं.’ ये बात सही है कि शरद पवार के नेतृत्‍व में महाराष्‍ट्र में कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना का गठबंधन का ताजा-ताजा बना है, लेकिन कुछ समय बीतने पर उद्धव ठाकरे का यही हिंदुत्‍व कांग्रेस, एनसीपी के गले की फांस बनेगा. उस वक्‍त उद्धव ठाकरे को बड़े भाई नरेंद्र मोदी के ‘प्‍यार’ की दरकार पड़ सकती है और अगर बड़े भाई ने मौके पर बड़ा दिल दिखा दिया तो शायद बीजेपी-शिवसेना के टूटे दिल, एक बार फिर मिल भी सकते हैं.

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