राज ठाकरे से पूछताछ करने वाली ED से ‘MNS’ का सवाल, दफ्तर का बोर्ड मराठी में क्यों नहीं?

राज ठाकरे की पार्टी ने बाकायदा ईडी और मुंबई के जिला कलेक्टर को खत लिखकर ईडी दफ्तर पर लगे साइनबोर्ड को मराठी भाषा में लिखने की मांग की है.

मुंबई: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से गुरुवार को ED ने करीब 9 घंटे तक पूछताछ की थी. पूछताछ के एक दिन बाद शुक्रवार को महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ने ED दफ्तर के बाहर लगे साइन बोर्ड पर आपत्ति जताई.

दरअसल बॉम्बे शॉप्स एंड इस्टेबलिशमेंट्स एक्ट 1948 के मुताबिक किसी भी पब्लिक या प्राइवेट दफ्तर के साइनबोर्ड मराठी में लिखा होना चाहिए. नियम का अनुपालन ना होने पर एक हज़ार से लेकर पांच हज़ार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

राज ठाकरे की पार्टी ने बाकायदा ईडी और मुंबई के जिला कलेक्टर को खत लिखकर ईडी दफ्तर पर लगे साइनबोर्ड को मराठी भाषा में लिखने की मांग की है. फिलहाल दक्षिण मुंबई स्थित ED दफ्तर के बाहर लगे साईन बोर्ड पर हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में ही आफिस का नाम लिखा हुआ है.

ट्विटर हैंडल पर ED ऑफिस के बाहर की तस्वीर भी ट्वीट की गई है और इसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय को भी टैग किया गया है. मनसे ने महाराष्ट्र सरकार के मराठी भाषा विभाग से सवाल किया है कि आखिर सरकार ED की इस गलती पर क्या कारवाई करेगी?

राज ठाकरे गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में ED के सामने पेश हुए थे. ED ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे से लंबी पूछताछ की थी. यह पूछताछ IL एंड FS के कोहिनूर सीटीएनएल में निवेश और कर्ज के मामले में थी.

ये भी पढ़ें- चिदंबरम की कंपनियों का पता लगाने 5 देशों के संपर्क में CBI

ये भी पढ़ें- जो सावरकर को नहीं मानता उसे बीच चौक पर पीटा जाना चाहिए: उद्धव ठाकरे