मुंबई में 6 पेड़ों को दिया गया जहर, कंपनी के मैनेजर के खिलाफ शिकायत

कंपनी के भीतर मौजूद नारियल के सभी 6 पेड़ों में छह से सात छेद किए गए थे. ये छेद कम से कम आधा फुट गहरे थे और उनमें खतरनाक केमिकल डाला गया था.

बृहन मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक कंपनी के खिलाफ छह पेड़ों को जहर देने की शिकायत दर्ज कराई है. साकीनाका पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि पेड़ों की जड़ों में केमिकल डालकर उनकी हत्‍या की गई. पुलिस ने कंपनी के मैनेजर के खिलाफ गैर-संज्ञेय अपराध दर्ज कर लिया है. FIR दर्ज करने के लिए जरूरी जांच की जा रही है.

14 जनवरी को, स्‍थानीय कांग्रेस पार्षद वाजिद कुरेशी को पेड़ों को जहर दिए जाने की भनक लगी. उन्‍होंने L वार्ड के जूनियर ट्री ऑफिसर को इसकी जानकारी दी. वाजिद ने असिस्‍टेंट सुप्रिटेंडेंट ऑफ गार्डन (ASG) को चिट्ठी भी लिखी. बाद में, ASG ने पुलिस को लिखा.

कैसे खुला मामला?

कुरेशी ने द इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया कि उन्‍हें एक दोस्‍त ने पेड़ों को जहर दिए जाने की बात बताई थी. बकौल वाजिद, “जब मैं वहां पहुंचा तो पेड़ों की जड़ों में कई छेद किए पाया. पेड़ों के पास से किसी केमिकल की बदबू आ रही थी और ताजा छेदों से किसी तरह का लिक्विड निकल रहा था. उन्‍होंने पेड़ों को मारने के लिए कुछ केमिकल इस्‍तेमाल किए. पुलिस को FIR दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए.”

3 फरवरी को गार्डन डिपार्टमेंट के अधिकारी, साकीनाका थाने के पुलिसवाले और कुरेशी मौके पर गए थे. वहां के सभी छह नारियल के पेड़ों में छह से सात छेद किए गए थे. ये छेद कम से कम आधा फुट गहरे थे और उनमें खतरनाक केमिकल डाला गया था.

अधिकारियों ने ग्‍लो मेटल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर के खिलाफ महाराष्‍ट्र (अर्बन एरियाज) ट्री प्रोटेक्‍शन एंड प्रिजर्वेशन एक्‍ट, 1975 की धाराओं में केस दर्ज करने को कहा है. कंपनी पर उसके परिसर में लगे नारियल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.

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