शिवसेना के साथ गठबंधन आसान, बीजेपी के साथ काम करना संभव नहीं: शरद पवार

एनसीपी चीफ शरद पवार ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी से हुई मुलाकात पर खुलकर बात की.

पिछले दिनों महाराष्ट्र की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले. आखिर में एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) के समर्थन से शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम बने. पूरे रानीतिक घटनाक्रम को लेकर एनसीपी चीफ शरद पवार ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान कई खुलासे किए हैं.

एनसीपी चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन की तुलना में शिवसेना (Shiv Sena) के साथ गठबंधन ‘कठिन नहीं’ है. उन्होंने कहा कि उनके भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) ने पार्टी के साथ बगावत की थी क्योंकि महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ जिस तरह से वार्ता चल रही थी उससे वह ‘पूरी तरह नाराज’ थे.

विचारधारा अलग होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विचारधारा के स्तर पर अलग होने के बावजूद गठबंधन के बीच ‘पूर्ण समझदारी’ है. उन्होंने विश्वास जताया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र की सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी.

शरद पवार ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी से हुई मुलाकात पर खुलकर बात की. उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनकी पार्टी के लिए बीजेपी के साथ काम करना संभव नहीं होगा. उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए बीजेपी की तुलना में शिवसेना के साथ काम करना कठिन नहीं है. हम वह मार्ग नहीं पकड़ सकते थे.’

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ अजित पवार के हाथ मिलाने के बारे में पूछने पर शरद पवार ने कहा, ‘वह हमारे बीच चर्चा के बीच से ही लौट गए थे और कांग्रेस और हमारे बीच बातचीत से वह बहुत खुश नहीं थे. वह पूरी तरह नाखुश थे. उस स्थिति में उन्होंने ऐसा फैसला लिया.’

अजित पवार उपमुख्यमंत्री बनेंगे?

शरद पवार ने कहा, उन्हें (अजित पवार) को महसूस हुआ कि यह सही निर्णय नहीं है और इसलिए अगली सुबह वह आए, मुझे देखा और इन सबसे अलग हो गए.’ उन्होंने कहा कि एनसीपी में उनके भतीजे की अच्छी पकड़ है लेकिन यह बताने से इंकार कर दिया कि महाराष्ट्र (Maharashtra) की नई सरकार में उनके भतीजे को उपमुख्यमंत्री का पद मिलेगा अथवा नहीं.

ये भी पढ़ें-

सुप्रिया केंद्र में मंत्री और महाराष्‍ट्र में BJP-NCP की सरकार, शरद पवार ने क्‍यों ठुकराया पीएम मोदी का ऑफर?

BJP और NCP के बीच हो जाती डील, अगर पीएम मोदी मान लेते शरद पवार की ये दो शर्तें