भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच करेगी NIA, केस ट्रांसफर को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने

शुक्रवार दोपहर को NIA ने महाराष्ट्र सरकार को एक पत्र भेज कर बताया कि भीमा कोरेगांव हिंसा (Bhima Koregaon violence) मामले की जांच अब NIA करेगी.
NIA to investigate Bhima Koregaon violence, भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच करेगी NIA, केस ट्रांसफर को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने

केंद्र सरकार ने भीमा कोरेगांव हिंसा (Bhima Koregaon violence) मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी है. इससे एक दिन पहले ही महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की समीक्षा करने का फैसला लिया था. केंद्र के इस फैसले पर अब राज्य सरकार ने नाराजगी जताई है.

दरअसल महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस फैसले पर एतराज जताते हुए कहा, “केंद्र सरकार ने भीमा कोरेगांव हिंसा (Bhima Koregaon violence) का केस NIA को सौंप दिया है. केंद्र ने राज्य सरकार से बिना पूछे ही यह फैसला लिया है. महाराष्ट्र का गृह मंत्री होने के नाते मुझे इस पर आपत्ति है.”

शुक्रवार दोपहर को NIA ने महाराष्ट्र सरकार को एक पत्र भेज कर बताया कि भीमा कोरेगांव हिंसा (Bhima Koregaon violence) मामले की जांच अब NIA करेगी. वहीं इससे पहले गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस मामले को लेकर एक मीटिंग की थी. जिसमें उन्होंने कहा कि पुलिस को मिले सबूतों के आधार पर इस मामले की समीक्षा की जाएगी.

क्या है भीमा कोरेगांव हिंसा मामला ?

महाराष्ट्र के पुणे में भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी 2018 को हिंसा भड़की थी. दलित समुदाय को लोगों ने कोरेगांव युद्ध के 250 साल पूरे होने पर यहां एक कार्यक्रम रखा था. दरअसल 1818 को ब्रिटिश आर्मी और पेशवाओं के बीच जंग हुई थी. जिसमें महार जाति के 500 सैनिकों ने ब्रिटिश आर्मी की तरफ से लड़ाई लड़ी थी और पेशवाओं को हराया था. इस जीत का जश्न मनाने के लिए ही यहां कार्यक्रम रखा गया था. पुलिस का आरोप था कि कार्यक्रम के आयोजकों के संबंध नक्सलियों से थे.

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