पंकजा मुंडे ने ट्विटर बायो से ‘BJP’ को हटाया, संजय राउत बोले- बहुत से लोग शिवसेना में आना चाहते हैं

पंकजा मुंडे ने फेसबुक पर ऐलान किया था कि वह अपने समर्थकों संग बैठक करेंगी. आगे की रणनीतियों पर इस मीटिंग में चर्चा हो सकती है.
Pankaja Munde BJP, पंकजा मुंडे ने ट्विटर बायो से ‘BJP’ को हटाया, संजय राउत बोले- बहुत से लोग शिवसेना में आना चाहते हैं

पूर्व विधायक पंकजा मुंडे (Pankaja Munde) ने भाजपा से दूरी बनाना शुरू कर दिया है. उन्‍होंने अपने ट्विटर प्रोफाइल के बायो से ‘BJP’ का जिक्र हटा दिया है. शनिवार (30 नवंबर) को ही उन्‍होंने ऐलान किया था कि वह समर्थकों संग बैठक करेंगी. आगे की रणनीतियों पर इस मीटिंग में चर्चा हो सकती है. वहीं, शिवसेना सांसद संजय राउत ने पंकजा से जुड़े सवाल पर कहा कि “ऐसे बहुत लोग है जो शिवसेना में आना चाहते हैं. बड़े-बड़े लोगों के नाम हैं.”

Pankaja Munde BJP, पंकजा मुंडे ने ट्विटर बायो से ‘BJP’ को हटाया, संजय राउत बोले- बहुत से लोग शिवसेना में आना चाहते हैं

देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री रह चुकीं पंकजा ने पिता गोपीनाथ मुंडे की जयंती 12 दिसंबर को समर्थकों की एक बैठक बुलाई है, जिसमें वह कोई बड़ा फैसला ले सकती हैं. समर्थकों का आरोप है कि ओबीसी वर्ग और पार्टी में नेतृत्व खत्म करने के लिए भाजपा के कुछ नेताओं ने ही पंकजा को चुनाव में हराया.

राकांपा नेता और चचेरे भाई धनंजय मुंडे के हाथ मराठवाड़ा की परली विधानसभा सीट से चुनाव हारने के बाद से पंकजा भाजपा की गतिविधियों में पहले की तरह हाल-फिलहाल सक्रिय नहीं दिख रहीं. पंकजा ने रविवार को एक फेसबुक पोस्ट लिखकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. मराठी में लिखे इस पोस्ट मे उन्होंने कहा है, “बदले राजनीतिक माहौल को देखते हुए यह सोचने की जरूरत है कि आगे क्या किया जाए? अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है. मुझे स्वयं से बात करने के लिए 8-10 दिनों की जरूरत है.”

पंकजा मुंडे ने अपने समर्थकों से 12 दिसंबर को गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर बीड के गोपीनाथगढ़ में आयोजित बैठक में पहुंचने की अपील की है. माना जा रहा है कि पंकजा मुंडे इस बैठक के जरिए शक्ति प्रदर्शन करना चाहती हैं. अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर वह कोई घोषणा भी कर सकती हैं. उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने ट्वीट कर आशा जताई थी कि राज्य का भविष्य उज्‍जवल होगा.

भाजपा के अंदरखाने इसे पंकजा मुंडे की दबाव की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि ओबीसी का प्रमुख चेहरा होने के कारण वह पार्टी में कोई बड़ी भूमिका चाहती हैं. (IANS इनपुट्स)

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