Sharad Pawar vs Ajit Pawar: एनसीपी में पुरानी है चाचा-भतीजे की लड़ाई

एनसीपी में शरद पवार के उत्तराधिकारी की लड़ाई अब तेज हो गई है.
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महाराष्ट्र में उस वक्त सब उलट-पलट गया जब 23  नवंबर की सुबह आठ बजे सारे कयासों को दरकिनार करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. अजीत पवार ने अपने चाचा शरद पवार से बगावत की और बीजेपी के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.

शरद पवार ने हालांकि इसे अजित पवार का निजी फैसला बताया है लेकिन कांग्रेस उन्हें ही जिम्मेदार मान रही है. कहा जा रहा है कि अजित पवार के साथ एनसीपी के 40 विधायक आ गए हैं. शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा कि उन्हें ऐसा धोखा पहले कभी नहीं मिला.

शरद पवार का परिवार महाराष्ट्र का सबसे ताकतवर राजनैतिक परिवार माना जाता है लेकिन इसमें चाचा-भतीजे की अदावत भी पुरानी मानी जाती है. राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार ये सारी लड़ाई शरद पवार के उत्तराधिकारी को लेकर है. शरद पवार की उम्र 80 पार हो चली है. ऐसे में उनकी बेटी सुप्रिया और भतीजे अजित पवार के बीच खींचतान चल रही है.

बीते लोकसभा चुनाव में यह पारिवारिक युद्ध पूरी तरह से सामने आ गया. पार्टी मुखिया शरद पवार ने मावल सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो इसी सीट से बाद में अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार ने भी ताल ठोक दी. अजित पवार के दबाव के चलते शरद पवार पीछे हट गए. पार्थ के हाथ हार लगी और शरद पवार का ध्यान दूसरे भतीजे की तरफ चला गया.

जब अजित पवार ने दिया इस्तीफा

साल 2006 में राजनीति में आईं सुप्रिया सुले अपने पिता के संसदीय क्षेत्र बारामती से सांसद हैं तो अजित पवार बारामती विधानसभा सीट से विधायक हैं. विधानसभा चुनाव से पहले अक्टूबर में अजित पवार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा मिला तो पारिवारिक रार की आशंकाओं को बल मिला.

राजनैतिक हलकों में चर्चा है कि शरद पवार का उत्तराधिकारी बनने के लिए अजित पवार ने हर कोशिश की लेकिन उपेक्षा के कारण अब बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.

परिवार में ही कंपटीशन

अजित को महसूस होने लगा था कि शरद परिवार उनके दूसरे चाचा के परिवार को ज्यादा तवज्जो देने लगे हैं. वे अपने बेटे पार्थ के पैर राजनीति में जमा भी नहीं पाए थे तभी दूसरे चाचा के पौत्र ने लंगड़ी मार दी. अब कहा जा रहा है कि अजित पवार ने अपने चाचा को ऐसे मौके पर लंगड़ी मारी है जब वह शिवसेना और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे थे.

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