महाराष्‍ट्र: 162 का दम दिखाने के बाद भी शरद पवार को सता रहा ये डर!

एनसीपी को अजित पवार की ताकत पता है जिनके पार्टी के अंदर समर्थक हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो अजित पवार 'आधी रात का तख्तापलट' भी नहीं करा पाते.
Sharad Pawar terribly afraid, महाराष्‍ट्र: 162 का दम दिखाने के बाद भी शरद पवार को सता रहा ये डर!

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सोमवार को मुंबई के हयात होटल में 162 विधायकों की मीडिया के सामने परेड कराई. एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों को संबोधित किया.

उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने दावा किया कि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है, ऐसे में देवेंद्र फडणवीस को इस्‍तीफा दे देना चाहिए. साथ ही शरद पवार और उनकी पार्टी के नेता लगातार अजित पवार को मनाने में भी जुटे हैं. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि अगर कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना के पास पूरे 162 विधायकों का दम है तो अजित पवार को मनाने की कोशिश आखिर क्‍यों हो रही है?

शरद पवार बागी भतीजे अजित पवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पाले से वापस लाने के लिए लगातार अपने करीबियों को भेज रहे हैं. हालांकि, एनसीपी अब तक अजित पवार को वापस बुलाने में सफल नहीं हुई है. पार्टी के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, “पार्टी अजित पवार के निष्ठावान विधायकों से आशंकित है, जो बहुमत साबित करने के वक्त सदन में पार्टी को धोखा दे सकते हैं.”

एनसीपी को अजित पवार की ताकत पता है जिनके पार्टी के अंदर समर्थक हैं. इसके अलावा ‘आधी रात का तख्तापलट’ भी नहीं हो सकता था अगर उनके पास अपने समर्थक विधायकों की सहमति नहीं होती.

एनसीपी ने अलग-अलग समय में पांच बार विभिन्न नेताओं को दूत के तौर पर भेजा है, जिन्होंने अजित को मनाने के प्रयास किए हैं. सोमवार को पार्टी ने उन्हें मनाने के लिए छगन भुजबल और प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल को भेजा था, लेकिन अजित पवार ने किसी भी शर्त पर अपना फैसला बदलने से इनकार कर दिया है.

इससे पहले शनिवार को दिलीप वल्से पाटिल और हसन मुशरिफ ने अजित पवार से मुलाकात की थी. रविवार को भी जयंत पाटिल दो बार अजित पवार से मिलने उनके घर गए.

इसके साथ ही पवार परिवार के अन्य सदस्यों ने भी सोशल मीडिया के जरिए अजित पवार को मनाने की कवायद की है. इन नेताओं में शरद पवार के रिश्ते में पौत्र और नवनिर्वाचित विधायक रोहित आर. पवार, शरद पवार की बेटी व सांसद सुप्रिया सुले शामिल हैं.

रोहित पवार ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में परिवार और पार्टी को एकजुट रहना होगा और सभी को शरद पवार के पीछे एकजुट होकर खड़े रहना चाहिए.

रविवार को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अजित पवार ने दावा किया कि वह अभी भी राकांपा के साथ हैं और उन्हें 54 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. उन्होंने कहा कि शरद पवार उनके नेता बने रहेंगे.

शरद पवार ने अपने भतीजे के दावों का खंडन करते हुए कहा कि राकांपा अब महागठबंधन के हिस्से के रूप में शिवसेना और कांग्रेस के साथ गठबंधन में है.

Related Posts