‘GST का पैसा लौटाना ही होगा, व्‍यापारी होगे अपने घर के’, शिवसेना का केंद्र पर हमला

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा, 'बीते 4 महीनों से केंद्र ने राज्यों को जीएसटी की रकम वापस नहीं लौटाई है.'
shiv sena on gst Through Saamana, ‘GST का पैसा लौटाना ही होगा, व्‍यापारी होगे अपने घर के’, शिवसेना का केंद्र पर हमला

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए शनिवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला है. सामना ने लिखा, ”केंद्र सरकार के मनमाने कामकाज से देश में आर्थिक अराजकता निर्माण हो गई है और इसका खामियाजा राज्यों को भुगतना पड़ा है. जीएसटी लागू करते समय हम जिस खतरे की घंटी लगातार बजा रहे थे, वे तमाम खतरे अब सामने आकर खड़े हो गए हैं तथा केंद्र सरकार गोल-मोल उत्तर देकर पीछा छुड़ा रही है.”

”जीएसटी की रकम वापस नहीं लौटाई”

सामना ने लिखा, ”जीएसटी के कारण राज्यों को राजस्व वसूली में होनेवाले घाटे की भरपाई केंद्र सरकार करेगी, ऐसा वचन दिया गया था. परंतु केंद्र राज्यों को 50 हजार करोड़ से ज्यादा की नुकसान-भरपाई करने में असमर्थता जता रही है. ‘आज देंगे, कल देंगे’ ऐसा उनका चल रहा है. बीते 4 महीनों से केंद्र ने राज्यों को जीएसटी की रकम वापस नहीं लौटाई है.”

”आर्थिक गणित बिगड़ सकता है”

सामना ने लिखा, ”ये पैसे राज्यों के अधिकार के हैं तथा इसके कारण राज्यों का आर्थिक गणित बिगड़ सकता है. महाराष्ट्र के हिस्से के 15 हजार 558 करोड़ रुपए केंद्र ने नहीं दिए. तेलंगाना के 4 हजार 531 पंजाब के 2 हजाार 100 केरल के 1 हजार 600 पश्चिम बंगाल के 1 हजार 500 दिल्ली के 2 हजार 355 करोड़ रुपए केंद्र सरकार नहीं दे सकी है. कई राज्यों की वेतन सूची इसके कारण बिगड़ गई है.”

”पैसा वापस लौटाना ही पड़ेगा”

सामना ने लिखा, ”अब जीएसटी लौटाने में राज्यों की आवाज को दबाने व आर्थिक नब्ज दबाने का प्रयास शुरू हुआ होगा तो केंद्र की ठगसेना के विरुद्ध राज्यों को आवाज उठानी होगी. राज्यों के पैसों पर केंद्र मजा नहीं मार सकता है. जीएसटी का पैसा वापस लौटाना ही पड़ेगा. तुम व्यापारी होगे अपने घर के. राज्यों की जेब क्यों काटते हो? केंद्र राज्यों का पैसा न मारे.”

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