‘गणतंत्र दिवस आते ही आतंकवादी बम-बंदूकें लेकर बिल से निकल आते हैं’, शिवसेना का तंज

शिनसेना का यह भी कहना है कि इस गणतंंत्र दिवस पर कश्मीर के लोग आजादी के साथ इसका जश्न मनाए, न कि सैनिकों की बंदूक से डरें.

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शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में इस बार देश की सुरक्षा को लेकर बात कही है. भारतीय सेना की तारीफ करते हुए शिवसेना ने कहा कि पड़ोसी मुल्क से आने वाले आतंकियों की घुसपैठ पर सेना ने विराम लगाया है. साथ ही कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के आती ही आतंकी अपने बिल से निकल आते हैं.

सामना में शिवसेना ने लिखा, “स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोह के पास आते ही एक खबर की प्रतीक्षा सभी को रहती है. मानो ये खबर गणतंत्र दिवस की सूचना लेकर ही आती है. इस बार भी ऐसी खबर सरकारी विभाग से आई है. कश्मीर पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर हमले की साजिश को नाकाम किया है. अब एक और खबर बहुत जल्द दिल्ली की दिशा से आगे बढ़ेगी, जिसमें दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस पर हमला करने की फिराक में घुसे चार-पांच सशस्त्र आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है.”

“प्रधानमंत्री मोदी पर भी हमला करने की योजना थी. उसे नाकाम कर दिया गया है, ऐसी खबरें अब लोगों के लिए नई नहीं रहीं. ऐसी खबरें आती रहती हैं. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोह के आते ही आतंकवादी बम-बंदूकें लेकर अपनी बिल से बाहर निकल आते हैं.”

“कैलेंडर लेकर ही वे बिल में पड़े रहते हैं और राष्ट्रीय समारोह की तारीखों को देखते ही बाहर निकल आते हैं. फिर उनके बाहर आने के बाद साजिश को वैसे नाकाम किया गया, ऐसी खबरें प्रकाशित होती हैं. ये गत कई वर्षों से जारी है.”

‘आज की ताजा खबर’

“‘आज की ताजा खबर’ मतलब गणतंत्र दिवस पर श्रीनगर में आत्मघाती हमला करने या आईईडी विस्फोट करने की जैश-ए-मोहम्मद ने साजिश रची थी और इस मामले में पांच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है. आतंकवादियों से बड़ी मात्रा में शस्त्र आदि भी बरामद किए गए हैं. इन सब साजिशों को नाकाम करने के लिए सुरक्षाबलों का अभिनंदन. लेकिन कश्मीर घाटी में सबकुछ ठीक नहीं है और आतंकी कार्रवाइयां शुरू हैं.”

“गत सप्ताह दिल्ली पुलिस ने ‘आइसिस’ के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया. आतंकवादी दिल्ली में एक बड़ी घटना को अंजाम देनेवाले थे. राजधानी में बड़ा हमला करने और उत्तर हिंदुस्थान में ‘आइसिस’ को सक्रिय करने के लिए ये आतंकवादी इकट्ठा हुए थे.”

“उनसे मिली जानकारी के आधार पर गुजरात से एक और आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया. आतंकवादियों को गिरफ्तार करने की दोनों घटनाएं इसी महीने हुई हैं. इसलिए अब तो दिल्ली और कश्मीर में गणतंत्र दिवस समारोह अच्छे से संपन्न होगा, ऐसी अपेक्षा है.”

अनुच्छेद-370 हटाना ऐतिहासिक निर्णय

“एक तो कश्मीर का विभाजन हुआ है. जम्मू-कश्मीर अब केंद्रशासित प्रदेश हो चुका है. वहां केंद्र की सत्ता मतलब राष्ट्रपति शासन चल रहा है. सरकार ने अनुच्छेद-370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया. इसलिए जम्मू-कश्मीर के मामले में जो दंतकथा थी वो दूर हुई. अलग निशान और अलग संविधान के देशद्रोही प्रकरण 370 से दूर हो गया.”

“जनता आनंदित हुई लेकिन जो आनंद सैनिकों की बंदूकों की जोर-जबरदस्ती पर टिकी है, वो तस्वीर बदलनी चाहिए. अनुच्छेद-370 हटाने का आनंद गणतंत्र दिवस समारोह में दिखना चाहिए और कश्मीर के हर घर में तिरंगा लहराता दिखना चाहिए, कम-से-कम इतनी अपेक्षा है. राजभवन में कड़ी सुरक्षा के बीच हमेशा दिखनेवाली तिरंगा लहराने की तस्वीर बदलनी चाहिए.”

कश्मीर में पुलिस का इस्तेमाल किसी और चीज के लिए कर रही है सरकार

“कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ हो रही है. लेकिन कश्मीर के आतंकवादियों को सीमा पार सुरक्षित ले जाने के लिए पुलिस तंत्र का उपयोग हो रहा है और इस काम के लिए राष्ट्रपति पदक विजेता पुलिस उपअधीक्षक को पकड़ा गया है. कश्मीर में सरकार पुलिस का उपयोग किसी अलग ही चीज के लिए कर रही है इसलिए पुलवामा हमले के संदर्भ में अगर संदेह उत्पन्न किया गया तो देश का गृहमंत्रालय क्या उत्तर देगा?”

“कश्मीर में बड़ी संख्या में फौज मौजूद है इसलिए परिस्थिति नियंत्रण में है. शांति की धुंध भले पसरी हो लेकिन भूगर्भ में एक अलग हलचल का एहसास हो रहा है. इसे जिम्मेदारीपूर्वक समझने की आवश्यकता है.”

“गणतंत्र दिवस के परिप्रेक्ष्य में आतंकवादियों को पकड़ना ये हर वर्ष की होनेवाली कवायद है. अब वे फिर पकड़े गए हैं और कश्मीर तथा राजधानी दिल्ली में आतंकवादी हमले की साजिश का पता चला है. दिल्ली ही नहीं कश्मीर घाटी में लहरानेवाला हर तिरंगा सुरक्षित रहना चाहिए!”

 

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