महाराष्ट्र: ग्रामीणों ने माओवादियों के गांव में घुसने पर लगाई रोक, नक्सली हमले में गई थी 15 कमांडो की जान

1 मई को हुए माओवादी हमले में 15 कमांडो समेत एक आम नागरिक की मौत हो गई थी.

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में कुरखेडा तालुका के लावारी गांव के आदिवासियों ने माओवादियों के गांव में घुसने पर रोक लगा दी है. कुरखेडा तालुका पर माओवादियों की मजबूत पकड़ रही है. इसी साल 1 मई को सुरक्षा बलों पर बहुत बड़ा माओवादी हमला हुआ था.

6 युवाओं को माफ करने की अपील
लावारी गांव के लोगों ने कुछ दिनों पहले ही गढ़चिरौली पुलिस को एक पत्र सौंपा था. पत्र पर ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किया था. इसमें पुलिस से अनुरोध किया गया था कि 1 मई को पुलिस बल पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार किए गए 6 युवाओं को माफ कर दिया जाए.

बता दें कि 1 मई को हुए आईईडी ब्लास्ट में 15 कमांडो और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी. इस आईईडी धमाके में 30 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया गया था. ये धमाका इतना जोरदार था कि इसके शिकार हुए कमांडो और इन्हें लेकर जा रही गाड़ी के हिस्से 800 मीटर दूर तक फैल गए थे.

इस बड़े हमले को अंजाम देने में नर्मदा जैसे बड़े माओवादियों के साथ ही लावरी गांव के 6 युवाओं ने अपना योगदान दिया था. बाद में इन 6 युवाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और फिलहाल वो न्यायिक हिरासत में हैं.

गांव में सामूहिक बैठक कराए जाने की मांग
इस घटना के बाद लावारी गांव के लोगों ने अब मावोवादियों के गांव में घुसने पर रोक लगा दी है. साथ ही ये भी कहा है कि अब वो किसी भी माओवादी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे और माओवादियों को अपने गांव में सक्रिय नहीं होने देंगे.

ग्रामीणों ने पुलिस से गांव में सामूहिक बैठक करने की अपील की है ताकि भविष्य में और कोई युवा माओवादियों के प्रोपेगेंडा में न फंसे. और पुलिस के साथ मिलकर गांव के विकास में अपना योगदान दे.

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