कांग्रेस-एनसीपी के साथ शिवसेना की बनी सरकार तो उद्धव ठाकरे 5 साल के लिए सीएम, बीजेपी के साथ….

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि उन्होंने बीजेपी और शिवसेना में समझौते के लिए संजय राउत से बातचीत की.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कवायदों के बीच शिवसेना की जोड़ी किसके साथ बनेगी अब इसको लेकर सस्पेंस है. नई ख़बर के मुताबिक शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने का नया फॉर्मूला तय हुआ है. तो वहीं दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि शिवसेना फिर से बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है.

सबसे पहले बात शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी के बीच फॉर्मूले की. सूत्रों का कहना है कि नए फॉर्मूले के मुताबिक दो उपमुख्यमंत्री होंगे, एक कांग्रेस से और दूसरे एनसीपी से. वहीं मुख्यमंत्री को लेकर स्पष्ट है कि पूरे पांच साल के लिए उद्धव ठाकरे ही राज्य की कमान संभालेंगे.

इस फॉर्मूले के तहत महाराष्ट्र कैबिनेट में कुल 42 मंत्री होंगे, जिनमें से शिवसेना के 15, एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 13 मंत्री होंगे. ज़ाहिर है महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में से शिवसेना के पास 56, एनसीपी के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 सीटें हैं.

वहीं विधानसभा स्पीकर को लेकर शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि वह निर्णय एनसीपी और कांग्रेस ले. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व सीएम पृश्वीराज चव्हाण के नाम का सुझाव भी दिया है.

वहीं दूसरा फॉर्मूला फिर से बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर है. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि उन्होंने बीजेपी और शिवसेना में समझौते के लिए संजय राउत से बातचीत की.

उन्होंने बताया कि मैंने उन्हें एक नया फार्मूला सुझाया है. जिसके तहत 3 साल मुख्यमंत्री पद बीजेपी के लिए और 2 साल शिवसेना के लिए हो सकता है. अठावले के मुताबिक इसके जवाब में संजय राउत ने कहा कि अगर बीजेपी सहमत हो तो इस पर विचार किया जा सकता है. इस पर बीजेपी से भी चर्चा की जा सकती है.

हालांकि अब तक यह साफ नहीं है कि ऊंट किस करवट बैठेगा.

बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. हालांकि उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले और केवल इतना कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चर्चा नहीं हुई है और उन्होंने सोनिया को सिर्फ मौजूदा राजनीतिक हालात के बारे में जानकारी दी है.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी और स्वाभिमानी शेतकारी संगठन जैसे उन छोटे दलों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा जो कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे.

पवार की सोनिया से मुलाकात से पहले यह अटकले लगाई जा रही थीं कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद महाराष्ट्र में सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

सोनिया से मुलाकात के बाद पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार गठन के बारे में चर्चा नहीं की. हमने सिर्फ राज्य में राजनीतिक हालात के बारे में चर्चा की.’

उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया के साथ मुलाकात के दौरान साझा न्यूनतम कार्यक्रम को लेकर भी बात नहीं की गई.

इस मुलाकात के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘शरद पवार ने आज कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात के बारे में उन्हें अवगत कराया.’

उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय लिया गया कि अगले एक या दो दिनों में राकांपा और कांग्रेस के प्रतिनिधि दिल्ली में फिर मिलेंगे जिसमें आगे के कदमों के बारे में चर्चा होगी.’

सूत्रों का कहना है कि सोनिया और पवार की इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार के गठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई. अगले कुछ दिनों में सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है.