शिरडी बंद: बैकफुट पर आए उद्धव ठाकरे, विवाद सुलझाने के लिए बुलाई मीटिंग

सीएम ठाकरे ने परभणी जिले के पथरी इलाके को धार्मिक स्थल के तौर पर विकसीत करने के लिए राशि आवंटित करने का फैसला किया है.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साईं बाबा के जन्मस्थान को लेकर दिए बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है. सीएम ठाकरे ने शिरडी शहर में जारी अनिश्चित कालीन हड़ताल को लेकर बात करने के लिए सोमवार को मीटिंग बुलाई है.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करके शनिवार को बताया कि ‘श्री साईं बाबा के जन्मस्थान पर को लेकर खड़े हुए विवाद पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सोमवार को मीटिंग करेंगे.’

शिरडी में ‘बंद’ स्थानीय लोगों की ओर से बुलाया गया है. दरअसल, सीएम ठाकरे ने परभणी जिले के पथरी इलाके को धार्मिक स्थल के तौर पर विकसीत करने के लिए राशि आवंटित करने का फैसला किया है.

सीएम ठाकरे ने पथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान बताया है. साईं बाबा 19वीं शताब्दी के आध्यात्मिक गुरु रहे हैं.

इसके साथ ही सीएम ठाकरे परभणी जिले में विकास योजनाओं को लेकर रिव्यू मीटिंग कर चुके हैं.

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिरडी और परभणी जिले के पथरी के बीच 281 किलोमीटर की दूरी है. शिरडी मंदिर देश के सबसे विख्यात धार्मिक स्थलों में से एक है. यहां पर हर साल लाखों श्रद्धालु यात्रा करते हैं.

आज यानी रविवार को शिरडी शहर पूरी तरह से बंद है लेकिन मंदिर दर्शन के लिए खुला हुआ है. ‘बंद’ के बावजूद श्रद्धालुओं को मंदिर जाकर साईं बाबा का दर्शन करने की इजाजत है.

बंद के बावजूद मंदिर में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी संख्या थी और प्रसादालय में भी लंबी कतारें देखने को मिलीं.

साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट के एक सदस्य ने शनिवार को कहा था कि ‘अगर श्रद्धालु मंदिर आते हैं तो उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा.’

शिवसेना के सांसद सदाशिव लोखंडे ने शिरडी के बंद का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि ‘मैं पहले साईं का भक्त हूं और बाद में सांसद हूं. मैं इस प्रदर्शन का समर्थन करता हूं. साईं बाबा उस वक्त शिरडी आए थे, जब वह 16 साल के थे. उन्होंने कभी अपने धर्म या जाति का खुलासा नहीं किया. इसलिए उन्हें इन सब चीजों में नहीं बांटना चाहिए.’

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