हाइपरलूप ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम का प्‍लान भी ठंडे बस्‍ते में? बुलेट ट्रेन पर पहले ही ब्रेक लगा चुकी उद्धव सरकार

महाराष्‍ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार बनने के बाद यह दूसरा बड़ा प्रोजेक्‍ट है जिसपर ब्रेक लगते दिख रहे हैं. अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन सिस्‍टम को भी ठंडे बस्‍ते में डाला जा चुका है.

मुंबई-पुणे के बीच प्रस्‍तावित हाइपरलूप ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम ठंडे बस्‍ते में जाता दिख रहा है. महाराष्‍ट्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि इस वक्‍त इतने बड़े प्रोजेक्‍ट में हाथ डालना ठीक नहीं. डिप्‍टी सीएम अजित पवार ने कहा, “अब तक पूरी दुनिया में कहीं भी हाइपरलूप्‍स नहीं बनाए गए हैं तो हमसे पहले कहीं और इसे ट्राई कर लिया जाए. एक बार यह सफल रहा तो हम इसके बारे में सोच सकते हैं.”

हालांकि पवार ने कहा कि उनके बयान को प्रोजेक्‍ट रद्द करने के फैसले की तरह नहीं देखा जाना चाहिए. उन्‍होंने कहा, “हाइपरलूप तकनीके के साथ प्रयोग करने की हमारी क्षमता नहीं है. हम ट्रांसपोर्ट के अन्‍य माध्‍यमों पर फोकस करेंगे. इस बीच, अगर वह टेक्‍नोलॉजी विदेशों में सफल ट्रायल्‍स के साथ विकसित होगी तो हम इस बारे में सोच सकते हैं.”

रिचर्ड ब्रैनसन के वर्जिन ग्रुप ने 10 बिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्‍ट को पुश किया है. महाराष्‍ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार बनने के बाद यह दूसरा बड़ा प्रोजेक्‍ट है जिसपर ब्रेक लगते दिख रहे हैं. अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन सिस्‍टम को भी ठंडे बस्‍ते में डाला जा चुका है. सरकार ने कहा है कि वह किसानों के कल्‍याण और गरीबों के उत्‍थान पर फोकस करना चाहती है.

देवेंद्र फडणनवीस के नेतृत्‍व वाली सरकार और वर्जिन ग्रुप के बीच हाइपरलूप सिस्‍टम पर सहमति बनी थी. मुंबई और पुणे के बीच की दूरी 35 मिनट से भी कम में तय कराने का प्‍लान था. पिछली सरकार ने इसे इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट स्‍टेटस भी दे दिया था.

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