हमले के वक्त गढ़चिरौली में 100 से ज्यादा नक्सली थे मौजूद, पढ़ें और भी खुलासे

नक्सलियों की तरफ से एक सुरक्षा वाहन को निशाना बनाकर किए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में 15 कमांडो शहीद हुए थे और एक नागरिक की मौत हो गई थी.

मुंबई. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के कमांडों पर हुए नक्सली हमले से जुड़ी एक नई जानकारी सामने आई है. मालूम चला है कि हमले के समय 100 से अधिक नक्सली घटना स्थल पर मौजूद थे. साथ ही विस्फोट के बाद नक्सलियों ने जवानों के मौत की पुष्टि भी की थी. बुधवार को हुए नक्सली हमले में 15 कमांडो शहीद हुए थे.

पूरी तैयारी के बाद दिया गया हमले को अंजाम  

ये भी खबर सामने आई है कि नक्सली इस हमले की तैयारी 25 तारिख से कर रहे थे. हमले को अंजाम देने के लिए छत्तीसगढ़ और गढ़चिरौली इलाके के चार-पांच नक्सलियों की एक कंपनी बनाई. इसके बाद QRT कमांडों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक दिन पहले नक्सलियों ने कई गाड़ियां जलाई. QRT के जवानों की हर एक मूवमेंट नक्सलियों के खबरी उनतक पहुंचा रहे थे. लोकल नक्सलियों के दल ने इस हमले का प्लान तैयार किया था. हमले के बाद नक्सली घटना स्थल से फरार हो गए.


आज कुर्खेड़ा के जंगल में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही आज मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और गृह राज्य मंत्री हंसराज अहिर घटना स्थल का दौरा करेंगे.

15 कमांडो सहित 16 की मौत 

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों की तरफ से एक सुरक्षा वाहन को निशाना बनाकर किए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में 15 कमांडो शहीद हुए थे और एक नागरिक की मौत हो गई थी. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र पुलिस के प्रतिष्ठित सी-60 बल के कमांडो ऐसी जगह जा रहे थे, जहां नक्सली गतिविधियों की रिपोर्ट मिली थी. सूत्रों के अनुसार सी-60 बल को रास्ते में जंगल क्षेत्र के सुनसान सड़क पर गिरे हुए पेड़ मिले. जब वे सड़क से पेड़ हटाने के लिए उतरे, विस्फोट हो गया और कमांडो तत्काल घटनास्थल पर ही शहीद हो गए.

महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक सुबोध जयसवाल ने कहा था कि 15 कर्मियों को ले जा रहा एक सुरक्षा वाहन बारूदी सुरंग विस्फोट की चपेट में आ गया. इसके साथ ही एक निजी वाहन भी इसकी जद में आ गया. उन्होंने मुंबई में बताया कि सबसे दुखद यह है कि हमने अपने 15 जवानों को खो दिया. जो भी किया जाना चाहिए, वह किया जाएगा.

सी-60 एक त्वरित प्रतिक्रिया बल है. राज्य पुलिस प्रमुख ने कहा कि हमले से बलों के नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में कोई फर्क नहीं पड़ेगा और इसके साथ ही उन्होंने इसका माकूल जवाब देने की प्रतिबद्धता जताई. जयसवाल ने कहा- हमारे पास इसे संभालने की क्षमता है. हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करने का है कि भविष्य में इस प्रकार का कुछ ना हो. महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने मीडिया से कहा कि यह एक ‘भीषण हादसा’ है और यह उस दिन हुआ है जब पूरा राज्य महाराष्ट्र दिवस मना रहा है.

राजनाथ सिंह ने फडणवीस से की बात

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात की और राज्य को पूर्ण केंद्रीय सहायता देने का आश्वासन दिया था. फडणवीस से टेलीफोन पर बातचीत में राजनाथ ने घटना पर दुख जताया और हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की.

गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया था कि गढ़चिरौली में महाराष्ट्र पुलिस पर हमला एक हताशपूर्ण कायराना हरकत है. हमें अपने शहीद हुए जवानों पर गर्व है. राजनाथ ने यह भी कहा कि देश सेवा में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों का ‘सर्वोच्च बलिदान’ व्यर्थ नहीं जाएगा. हम राज्य को पूर्ण केंद्रीय सहायता दे रहे हैं. गृह मंत्रालय राज्य प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है.

प्रधानमंत्री मोदी ने की थी निंदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सली हमले की निंदा की थी, जिसमें 16 सी-60 कमांडो शहीद हो गए. प्रधानमंत्री ने कहा कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. मोदी ने ट्वीट कर कहा- महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हमारे जवानों पर किए गए शर्मनाक हमले की कड़ी निंदा करता हूं. मैं सभी बहादुर कर्मियों को सलाम करता हूं. उनका बलिदान कभी नहीं भुलाया जाएगा.

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QRT कमांडों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक दिन पहले नक्सलियों ने कई गाड़ियां जलाई

तीन दर्जन वाहनों को फूंका

गढ़चिरौली के कुरखेड़ा में नक्सलियों ने निजी ठेकेदारों के कम से कम तीन दर्जन वाहनों में आग लगा दी थी. यह घटना सुबह उस वक्त घटी जब राज्य का स्थापना दिवस ‘महाराष्ट्र दिवस’ मनाने की तैयारी की जा रही थी. इधर नक्सली पिछले साल 22 अप्रैल के दिन सुरक्षा बलों की तरफ से मारे गए अपने 40 साथियों की मौत की पहली बरसी मनाने के लिए एक सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शन के अंतिम चरण में थे.

जिन वाहनों को नक्सलियों ने अपना निशाना बनाया, उनमें से ज्यादातर अमर इंफास्ट्रक्चर लिमिटेड के थे, जो दादापुर गांव के पास एन एच 136 के पुरादा-येरकाड सेक्टर के लिए निर्माण कार्यो में लगे थे. घटनास्थल से भागने से पहले नक्सलियों ने पिछले साल अपने साथियों की हत्या की निंदा करते हुए पोस्टर और बैनर भी लगाए.

नक्सलियों ने जाने से पहले दो जेसीबी, 11 टिप्पर, डीजल और पेट्रोल टैंकर्स, रोलर्स, जेनरेटर वैन और दो स्थानीय कार्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया.