ये हज़ारों में नहीं दस लाख में एक हैं, ये रही वजह

Share this on WhatsAppनयी दिल्ली सीने में दर्द था और सांस भी फूल रही थी. आखिर मरता क्या न करता. बेहिसाब दर्द से आजिज आकर वह अस्पताल भागा, जहां उसका बाकायदा टेस्ट किया गया और जो रिपोर्ट आयी उससे डॉक्टर के साथ साथ मरीज के भी होश फाख्ता थे. ये स्टोरी है छत्तीसगढ़ के कैलाश […]

नयी दिल्ली
सीने में दर्द था और सांस भी फूल रही थी. आखिर मरता क्या न करता. बेहिसाब दर्द से आजिज आकर वह अस्पताल भागा, जहां उसका बाकायदा टेस्ट किया गया और जो रिपोर्ट आयी उससे डॉक्टर के साथ साथ मरीज के भी होश फाख्ता थे.

ये स्टोरी है छत्तीसगढ़ के कैलाश कश्यप की, जिनके बारे में डॉक्टरों का कहना है कि ये हजारों में नहीं बल्कि लाखों में एक हैं. सूबे की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ सीने में उठे दर्द की शिकायत लेकर रायपुर के एक अस्पताल पहुंचे इस 60वर्षीय शख्स की जब ईसीजी रिपोर्ट आयी तो उसमें इनका दिल ही नहीं मिल रहा था. और न ही अस्पताल के डॉक्टर धड़कन की आवाज का पता लगा पा रहे थे. इसके बाद जब डॉक्टरों ने एक्स रा लिया और तब जो सामने आया वो चौंकाने वाला था.

दरअसल दिल जो अमूमन बायीं तरफ होता है, ये इनके दायीं तरफ था. यही नहीं इनका लीवर भी राइट के बजाय लेफ्ट की ओर था. विशेषज्ञों की माने तो ऐसा बहुत कम होता है. ऐसी स्थिति के लिए एक मेडिकल टर्म है, जिसे डेक्सट्रोकार्डिया (Dextrocardia) कहा जाता है. लैटिन में dexter का मतलब होता है राइट और ग्रीक में kardia का अर्थ होता है हार्ट.

ऑनलाइन रिपोर्टों के मुताबिक़ जहां डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ्य बताया वहीं कश्यप इससे पूरी तरह बेफिक्र नज़र आये. बकौल कैलाश निरोगी रहें और बस जिंदगी चलती रहनी चाहिए.