तीन दशक से सिर्फ ब्लैक टी के सहारे है ये शिव भक्त

नयी दिल्ली : ठंड के मौसम में एक गरम चाय की प्याली मिल जाए तो क्या कहना, पर सिर्फ इसी के सहारे दिन नहीं जीवन काटने को कहा जाए तो आंखों के आगे अंधेरा छाने लगेगा. यह सुनने में थोड़ा अविश्वसनीय है, किंतु है सत्य. छत्तीसगढ़ में एक ऐसी महिला सामने आयी है, जो केवल चाय पीकर ही […]

नयी दिल्ली : ठंड के मौसम में एक गरम चाय की प्याली मिल जाए तो क्या कहना, पर सिर्फ इसी के सहारे दिन नहीं जीवन काटने को कहा जाए तो आंखों के आगे अंधेरा छाने लगेगा. यह सुनने में थोड़ा अविश्वसनीय है, किंतु है सत्य.

छत्तीसगढ़ में एक ऐसी महिला सामने आयी है, जो केवल चाय पीकर ही जीवन काट रही है. पिछले 33 वर्षों से उसने अन्न का एक दाना भी नहीं निगला, पी है तो सिर्फ चाय. चाय वाली चाची के नाम से मशहूर पिल्ली देवी ने ग्यारह साल की उम्र में ही खाने को नमस्ते कर दिया था. कोरिया जिले के बैकुंठपुर के बर्दिया गांव की रहने वाली इस अनोखी महिला की चाय पर आश्रित रहने की एक कहानी है.

सिर्फ ब्लैक टी
पिल्ली के पिता रतिराम अपनी बिटिया के बारे में बताते हैं कि छठी क्लास से ही इसने अन्न से तौबा कर ली थी. बकौल रतिराम एक बार यह जिलास्तरीय टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए जनकपुर के लिए रवाना हुई और जब वापस लौटी तो सब कुछ बदल चुका था. पिल्ली ने खाना-पीना छोड़ दिया था. वो बताते हैं कि पहले तो दूध वाली चाय, ब्रेड, बिस्कुट चला पर कुछ दिन बाद सिर्फ ब्लैक टी ही बची. पिल्ली यह चाय सूरज ढलने के बाद ही लेती हैं., वो भी दिन में सिर्फ एक बार.

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शिव की हैं भक्त
पिल्ली के भाई बिहारी लाल ने कई डॉक्टरों के पास ले जाकर इनका चेकअप कराया, इस शंका के साथ कि कहीं इन्हें कोई रोग तो नहीं लग गया. चेकअप के बाद डॉक्टर और परिजन दोनों हैरान थे, क्योंकि रिपोर्ट में जो सामने आया उसके मुताबिक़ 44 वर्षीय चाय वाली चाची पूरी तरह फिट हैं. भाई के मुताबिक़ ये भगवान शिव की आराधना करने में अपना समय बिताती है. जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक़ ऐसा संभव नहीं है, पर जो सामने है उससे इंकार भी नहीं किया जा सकता. 33 साल का वक़्त लंबा होता है.