नागा साधुओं के खतरनाक LOOK के पीछे है ‘सत्रह’

kumbh Prayagraj 2019 Naga Sadhu, नागा साधुओं के खतरनाक LOOK के पीछे है ‘सत्रह’

प्रयागराज: प्रयागराज की धरती में आपका स्वागत है. गंगा की गोद में इठलाते और रेती में करतब दिखाते आपको कुछ अनोखे साधु नज़र आ जाएं तो आप दहशत में मत आ जाइएगा. हाड़कंपाऊ ठंड में भी इनके तन कपड़ों से ढके नहीं होते और यदि कपड़े के नाम पर कुछ मिल भी जाए तो वो मात्र एक लंगोट ही होता है.

kumbh Prayagraj 2019 Naga Sadhu, नागा साधुओं के खतरनाक LOOK के पीछे है ‘सत्रह’

प्रयागराज में सज गया है कुंभ

युद्ध कला में माहिर माने जाने वाले इन नागाओं की महिमा निराली है. कुंभ के दौरान जब ये नहाने जाते हैं तो घाट पहले से ही खाली करा लिए जाते हैं. पूरा मेला थम जाता है और लोग बस इन्हें ही निहारने लगते हैं. प्रयागराज में कुंभ मेला शुरू हो चुका हैजहां इनके अद्भुत रूप दिखाई पड़ने लगे हैं. गंगा मां की गोद में जाने के पहले ये अपने आप को अनोखे तरीके से सजाते हैं. करीब 6 साल की लंबी शिक्षा दीक्षा के बाद नागा बनने वाले ये साधु सत्रह श्रृंगार करके स्नान करने निकलते हैं.

 

क्या है सत्रह श्रृंगार

इन श्रृंगारों में तिलकचंदनबंधी हुई जटाएंचिमटा/डमरू/कमंडल/त्रिशूकाजलशंखगले में रुद्राक्ष की मालाकुंडलकड़ारोली का लेपभभूतबांह पर रुद्राक्ष की मालाअंगूठीपंचकेश (लटों को पांच बार घुमाकर बांधना) कमर पर मालापैरों में कड़े और लंगोट शामिल हैं.      

 

kumbh Prayagraj 2019 Naga Sadhu, नागा साधुओं के खतरनाक LOOK के पीछे है ‘सत्रह’

नागा साधु अक्सर कुंभ के दौरान ही दिखाई देते हैं. शाही स्नान के दौरान ये खुलकर श्रद्धालुओं के सामने आते हैं. ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले ये साधु विचार और खानपान दोनों में ही संयम रखने के लिए जाने जाते हैं. चिलम फूंकने वाले ये साधु अपनी ही दुनिया में मस्त रहते हैं.

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