कॉलम: महाराष्ट्र राज्यपाल ने कहा ‘संस्कृत के श्लोक पढ़ने से रुकेंगे रेप,’ लेकिन कैसे

राज्यपाल ने ये नहीं बताया कि महाकवि कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम के श्लोक भी उतने ही एंटी क्रिमिनल माइंड हैं जितने बाणभट्ट रचित हर्षचरितम के, या दोनों की मारक क्षमता में डिफरेंस है?

समाज के बहुत संवेदनशील या कहें सबसे जघन्य अपराध पर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फ़नी सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि स्टूडेंट्स को संस्कृत के श्लोक पढ़ाने से रेप रुकेंगे. कुछ ही दिन पहले बीजेपी सांसद गणेश सिंह ने दावा किया था कि संस्कृत बोलने से डायबिटीज-कोलेस्ट्रॉल दूर होता है.

सांसद जी ने तो खैर अपने तर्क के पीछे नासा की रिसर्च का हवाला दिया था लेकिन राज्यपाल जी ने ऐसा कोई रेफरेंस नहीं दिया है. राजनेताओं को विज्ञान से संबंधित ज्ञान देने में क्या आनंद आता है ये समझ से परे है. जबकि उन्हें विज्ञान की परिभाषा से भी कोई मतलब नहीं होता.

विज्ञान में पहले थ्योरी दी जाती है, फिर उस पर प्रयोग किए जाते हैं, फिर निष्कर्ष दिया जाता है. यहां निष्कर्ष पहले दे दिया जाता है वह भी बिना किसी रेफरेंस के. ये निष्कर्ष कहां से निकलकर आया कि संस्कृत के श्लोक पढ़ने से रेप नहीं होंगे? अगर ऐसा सच में हो सके तो कितना अच्छा हो. थोड़े ही दिन पहले रेपिस्टों के एनकाउंटर के बाद कहा जा रहा था कि एनकाउंटर से रुकेंगे रेप. कन्फर्म नहीं हो पा रहा है कुछ भी.

राज्यपाल ने ये नहीं बताया कि किस तरह के श्लोक पढ़ने हैं? किसी विशेष ग्रंथ के श्लोक पढ़ने हैं या उसके लिए अपने निजी श्लोक लिखने पढ़ेंगे. महाकवि कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम के श्लोक भी उतने ही एंटी क्रिमिनल माइंड हैं जितने बाणभट्ट रचित हर्षचरितम के, या दोनों की मारक क्षमता में डिफरेंस है?

संस्कृत श्लोक रेप से किस प्रकार बचाएंगे इसकी रूपरेखा नहीं बताई गई है. क्या पूरे देश के स्टूडेंट्स को संस्कृत श्लोक पढ़ाकर उनकी आपराधिक प्रवृत्ति पर काबू की जा सकती है? क्या संस्कृत का कोई कैप्सूल या क्रैश कोर्स भी यही काम करेगा जो सालों तक संस्कृत पढ़ने से होगा? या कोई और फॉर्मूला है?

रेप एक संवेदनशील मुद्दा है, इस पर सोच समझकर बोलना चाहिए. निर्भया केस के बाद आसाराम ने ऐसा ही एक बयान दिया था कि पीड़िता अगर बलात्कारियों के आगे हाथ जोड़ती, उन्हें भैया कहती तो वे उसे छोड़ देते. अब निर्भया के दोषी फांसी के फंदे के करीब हैं और संवेदनहीन बयान देने वाला जोधपुर जेल में बंद है.

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