Opinion: त्योहारों के समय सिर्फ सजगता और सावधानी ही कोरोना से बचा सकती है

Covid-19 महामारी को बढ़ाने में हमारी ओर से बरती गई असावधानियों को देखते हुए यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि त्योहारों के मौसम में कोरोना के मामले और बढ़ सकते हैं.

इंटरनेट पर एक जोक चल रहा है. देखते-देखते वैसलीन लगाने का मौसम आ गया, लेकिन कोरोना की वैक्सीन अभी तक नहीं आई. यूं तो ये सुनकर हंसी आती है, लेकिन सच तो ये है कि समस्या गंभीर है. हर गुजरते दिन के साथ और गंभीर होती जा रही है.

30 जनवरी, 2020 को भारत में कोरोना का पहला मामला सामने आया था. शुरू में हमें लगता रहा कि यह इतनी कोई गंभीर बात भी नहीं. लेकिन उसके बाद देखते ही देखते इस महामारी का प्रकोप ऐसा फैला कि कोई भी उसकी चपेट में आने से बचा नहीं. ये कहने का आशय ये नहीं कि सबको कोरोना हो ही गया, लेकिन जिन्हें नहीं हुआ, उनकी जिंदगी पर भी इसका असर तो पड़ा ही है.

अब तक 70 लाख से ज्यादा Covid-19 के मामले सामने आ चुके हैं और एक लाख जिंदगियां कोरोना की भेंट चढ़ चुकी हैं. जो लोग अब तक इस बीमारी से बचे हुए हैं, वे सब भी निशाने पर हैं. कोई नहीं बता सकता कि कब, कौन, कहां इसकी चपेट में आ जाए.

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हमारी पुरानी पहचानी हुई दुनिया अब कहीं नहीं है. सार्वजनिक जगहों की सूरत बदल चुकी है. चारों ओर मास्क लगाए हुए, एक-दूसरे से दूरी बनाते, बचकर निकलते इंसानों को देखकर ऐसा लगता है कि मानो हम सब किसी साइंस फिक्शन के कैरेक्टर हैं.

त्योहारों का मौसम नजदीक आ रहा है. दशहरा-दिवाली पर जैसे हर साल चारों ओर रंगत और उत्सव का माहौल होता था, शायद इस बार देखने को न मिले. लेकिन फिर भी इस महामारी को बढ़ाने में हमारी ओर से बरती गई असावधानियों को देखते हुए यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि त्योहारों के मौसम में कोरोना के मामले और बढ़ सकते हैं.

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नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति ने इस पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि यदि सावधानी नहीं बरती गई तो अकेले दिल्ली में प्रतिदिन 15,000 लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं. इस वक्त सिर्फ राजधानी में कोरोना के औसतन 2700 मामले रोज दर्ज हो रहे हैं.

पिछले दिनों केरल और महाराष्ट्र में भी यह देखा गया कि ओणम और गणेश चतुर्थी के आयोजनों के बाद कोरोना केसेज की संख्या में एकाएक उछाल आया.

इन सारे तथ्यों और आंकड़ों को गौर से देखते हुए एक ही निष्कर्ष निकलता है कि हमारी सुरक्षा इस वक्त सिर्फ हमारे हाथ में है. सरकार से तो यह उम्मीद है कि वह इस महामारी को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए, लेकिन उससे पहले अपने जीवन की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेते हुए हमें अपनी तरफ से गंभीर सावधानियां बरतने की जरूरत है.

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अगर इन कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखेंगे तो शायद हम खुद को और अपने प्रियजनों को संक्रमित होने से बचा पाएंगे.

1. इस बार का त्योहार बिना नए कपड़ों और सामानों के ही मनाएं. बाजार सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहें हैं. मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के बावजूद वहां संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इर बार अपनी जरूरतों की सूची छोटी रखें. जो भी जरूरत के सामान हों, ऑनलाइन ही मंगाएं. बाजार का रुख बिल्कुल न करें.

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2. यूं तो होना ये चाहिए था कि इस बार दशहरा-दिवाली पर किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन पर पूर्णतः प्रतिबंध होता, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है. सिर्फ कंटेनमेंट जोन में ही किसी तरह के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध है. लेकिन बाकी जगहों पर एहतियात बरतने के लिए सरकार की ओर से कुछ गाइडलाइंस जारी की गई हैं. इनमें मास्क का इस्तेमाल और लोगों से छह फीट की दूरी बनाकर रखना अनिवार्य किया गया है.

लेकिन अपने पिछले अनुभवों से हम जानते हैं कि भीड़ वाली जगह पर इस तरह की सावधानी का पूरी तरह पालन कर पाना कितना मुश्किल होता है. इसलिए बेहतर होगा कि यदि आपके आसपास ऐसा कोई उत्सव और आयोजन हो भी रहा है तो उसमें शिरकत न करें. याद रखें, अपने घर में ही आप सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं.

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3. अपने मित्रों और आसपास के लोगों के साथ भी अपना मास्क हर वक्त पहनकर रखें. लगातार हाथ धोना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना न भूलें.

4. याद रखें कोरोना का अब तक कोई इलाज नहीं मिला है. कोई दवा भी नहीं है, जिसे खाकर आप ठीक हो जाएंगे. आपका मजबूत स्वास्थ्य और बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता ही बचाव का एकमात्र उपाय है. यदि आपका शरीर स्वस्थ है, इम्यूनिटी दुरुस्त है तो वायरस से लड़कर जीतने में आप सफल होंगे.

इसलिए स्वास्थ्य और खानपान को लेकर जो सावधानियां अब तक बरत रहे थे, वो त्योहारों के मौसम में भी बरतते रहें. बाहर का खाना न खाएं, सेहत का ध्यान रखें.

जितनी जिजीविषा और उम्मीद के साथ हमने अब तक इस महामारी का मुकाबला किया है, वही हमें आगे भी इससे लड़ने और जीतने में मददगार होगी. सजग और जिम्मेदार बनें. मास्क और सोशल डिस्टेसिंग की गंभीरता को समझें, उसका पालन करें और अंत में आपको त्योहारों की ढेर सारी शुभकामनाएं.

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