गुमनामी की जिंदगी जी रहे 90s के सुपरस्टार सिंगर को बीजेपी ने दिया रोजगार!

उस जमाने में इनके पैरोडी गानों की धूम थी. बच्चे, बूढ़े और जवान सब इनके फैन थे. फिर वो दौर आया जब उनके बुरे दिन आए. अब एक वीडियो देखकर लग रहा है कि अच्छे दिन भी आ जाएंगे.

मोदी बायोपिक की रिलीज टल गई तो दिल टूट गया. लगा था कि विवेक ओबेरॉय के अच्छे दिन आएंगे लेकिन बीच में चुनाव आयोग आ गया. उसने विवेक के सामने से परोसी हुई थाली जैसे छीनी वैसे तो जेरी भी टॉम के सामने से नहीं उठाता. इस सब उठापटक से सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठाना चाहिए. उसने तो बरसों से बेरोजगार बैठे विवेक ओबेरॉय को रोजगार मुहैया कराया. अब विवेक की किस्मत ही ब्लैक कलर के मार्कर पेन से लिखी हो तो कोई क्या करे?

chowkidar, गुमनामी की जिंदगी जी रहे 90s के सुपरस्टार सिंगर को बीजेपी ने दिया रोजगार!

अभी ट्विटर स्क्रोल करते हुए एक और बेरोजगार को काम मिला नजर आया. बीजेपी के हैंडल पर एक वीडियो दिखा. कैप्शन था- ‘करन-अर्जुन आए न आएं, पर आएगा तो मोदी ही.’ ये बात तो इतनी आम हो चुकी है जितने आम के सीजन में आम होते हैं. आज किसी राह चलते बच्चे का कान उमेठो तब रोने की आवाज नहीं आती. ये आवाज आती है कि ‘आएगा मोदी ही.’ कांग्रेसी उछलते हुए बताने लगते हैं- आने दो. आकर क्या कर लेगा? नेहरू काम तो करने नहीं देंगे.

फिर देखो हम मुद्दे से भटक गए. हम बात कर रहे थे एक बेरोजगार को रोजगार मिलने की. इनका नाम है देवांग पटेल. नए फैशन के मुताबिक ‘चौकीदार देवांग पटेल.’ इन्होंने एक गाने में चौकीदार का रोल किया है. इस रैप के माध्यम से उन्होंने चराचर जगत में व्याप्त मोदी जी के विपक्ष की खटिया खड़ी कर दी है. ‘पप्पू-झाड़ू’ किसी को नहीं छोड़ा. सबका कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है.

देवांग पटेल 90S में पैदा हुए और बड़े हुए लोगों के लिए नॉस्टैल्जिया हैं. उनके गाने टीवी पर वायरल होते थे, क्योंकि न तो स्मार्टफोन आया था, न जियो का सस्ता इंटरनेट. टीवी के हर गाने वाले चैनल पर देवांग पटेल के गाने जरूर आते थे. 1995 में आई गोविंदा की फिल्म ‘द गैंबलर’ में दो गाने थे. ‘मेरी मर्जी’ और ‘स्टॉप दैट.’ दोनों गानों ने जो फैन बनाए वो आज तक बरकरार हैं.

मोदी जी और देवांग पटेल में चौकीदार होने के अलावा एक और चीज कॉमन है. दोनों गुजराती हैं. सही तारीख नहीं याद है लेकिन साल 2000 था जब ‘पटेल स्कोप’ आया था. ये बॉलीवुड गानों की फ़नी पैरोडी का गुलदस्ता था. ‘टीवी सीरियल जब बनता है’ और ‘टाल पे बाल खिलाओ’ गाने लोगों ने बहुत पसंद किये.

chowkidar, गुमनामी की जिंदगी जी रहे 90s के सुपरस्टार सिंगर को बीजेपी ने दिया रोजगार!

इसके बाद कुछ गुजराती फिल्मों-गानों में नजर आने वाले देवांग पटेल काफी समय से फ़ेम से दूर थे. गुजर बसर के लिए डांडिया नाइट्स में प्रस्तुति देते थे. फिर लाइम लाइट में आना था. उसके लिए आजकल लोग या तो कथित फ़नी वीडियो बनाते हैं, जैसे हम बना रहे हैं. या फिर नाम के आगे चौकीदार लगा लेते हैं. देवांग ने प्लान बी चुना. चौकीदार बन गए. अच्छी बात ये है कि ट्विटर पर ही सही, उनका गाना रिलीज हो गया. नहीं तो एक हार्दिक पटेल भी हैं, थप्पड़ खा रहे हैं.

ये भी पढ़ें:

लोकसभा चुनाव 2019 हो चुका है राक्षसों के नाम, जानें कैसे?

जिसे चुनाव आयोग मानता है ‘हेट स्पीच’ वो योगी आदित्यनाथ के लिए रोज का काम

प्रज्ञा ठाकुर के प्रत्याशी बनते ही दिग्विजय सिंह ने फेवीकोल क्यों पी लिया?