Google सुनता है आपकी प्राइवेट वॉयस रिकॉर्डिंग तो क्या है प्रॉब्लम? देखें वीडियो

गूगल ने माना है कि उसके एम्पलॉइज Google Home Smart Speakers की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनते हैं. इस काम के लिए उसने लैंग्वेज एक्सपर्ट रखे हुए हैं.

गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने एक अखबार को बताया कि समझदार इंसान वही है जो तमाम व्यस्तताओं के बावजूद परिवार के साथ समय बिताए. उन्हें कौन बताए कि हमारा परिवार अब गूगल ही है. घर का बुजुर्ग गूगल है, कुछ समस्या होती है तो उससे समाधान पूछते हैं, सर्च करते हैं. यूट्यूब घर का चाचा है, मनोरंजन के लिए गाने और कहानियां सुनाता है. गूगल असिस्टेंट छोटा लड़का है, उसको ऑर्डर देकर सब काम कराते हैं. और एंड्रॉइड जीवनसाथी है. इनसे वक्त ही नहीं बचता किसी और परिवार को कहां से दें?

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सुंदर पिचई

लेकिन अब एक लेटेस्ट न्यूज़ आई है जिससे पता चला कि हमारा परिवार हमसे धोखा कर रहा है. पता चला है कि गूगल हमारी बातें सुनता है, हमारे बिहैवियर पर नजर रखता है. हम अपनी डिवाइस शुरू करने पर ‘yes I agree’ पर क्लिक करते हैं और वो हमसे ऐसा करने की परमिशन ले लेता है.

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गूगल होम स्मार्ट स्पीकर

गूगल ने माना है कि उसके एम्पलॉइज Google Home Smart Speakers की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनते हैं. इस काम के लिए उसने लैंग्वेज एक्सपर्ट रखे हुए हैं. ये पूरी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि वाइस रिकग्निशन टेक्नॉलजी को बेहतर बनाया जा सके.

गूगल के इस खुलासे के बाद एक बार फिर बहस तेज़ हो गई है कि सब कुछ तो ठीक है लेकिन व्हाट अबाउट प्राइवेसी ब्रो? मुझे पर्सनली गूगल की इस हरकत से बहुत झटका लगा है. नहीं, मेरी फोन पर ऐसी वैसी बातें नहीं होतीं जिनको सुनने पर गूगल का कोई कर्मचारी अच्छा फील करे और मैंने गूगल असिस्टेंट को कभी ऐसे कमांड दिए नहीं कि उसमें मजे लिए जा सकें. मुझे तकलीफ बस ये है कि गूगल आवाज पर काम कर रहा है, भावनाओं को नहीं समझ रहा.

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हम मिडिल क्लास लोग शीशे के सामने खड़े होते ही सुपरमैन बन जाते हैं. जहां अपनी आवाज सुने जाने की उम्मीद होती है वहीं आवाज बदल लेते हैं. गूगल असिस्टेंट पर कभी किसी ने हल्की या फ़नी आवाज में कमांड नहीं दिए होंगे. अगर ओरिजनल आवाज खट्टी डकारों से पीड़ित मरीज जैसी होगी तब भी गूगल असिस्टेंट को अमरीश पुरी की आवाज में कमांड देते हैं लोग.

मैं अब सोच रहा हूं कि मेरी कौन कौन सी बातें गूगल के कर्मचारियों ने पिछले तीन दिन में सुनी हैं. मैंने अपने एक रिश्तेदार को फोन पर कहा था ‘अभी फोन रखो, ऑफिस में हूं. बाद में बात करता हूं.’ जो खाने का ऑर्डर देकर स्विगी वाले को अड्रेस बताया था वो भी सुन लिया. जो मैंने अपने एक दोस्त से दिल्ली से सस्ती…ओह शिट. गूगल सब कुछ सुन रहा है. इससे आगे की बातें अगर कोई सुन रहा है तो सदमें वाली बात है.

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