व्यंग्य: मेट्रो पकड़कर नहीं, इमरान खान इन तरीकों से बचा सकते हैं पाकिस्तान के पैसे

इमरान खान अमेरिका में मेट्रो से चलते पाए गए. बताया गया कि वे पैसे बचा रहे हैं. यहां कुछ तरीके बता रहे हैं जिनसे पाकिस्तान में पैसे पूरी तरह बच जाएंगे.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका का दौरा करने गए हुए हैं. आतंकवाद, भारत और अफगानिस्तान के साथ रिलेशनशिप स्टेटस पर चर्चा करना मुख्य उद्देश्य है. लेकिन इस चक्कर में खर्चा बचा लिया है. वॉशिंगटन से मेट्रो पकड़कर निकल गए. राजीव चौक होता तो सीट भी न मिलती. वहां होटल में ओयो से रूम बुक करने की बजाय दूतावास में रहे. इस पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि इमरान ने अपने देश का पैसा बचाया.

उमर ये बताने को भूल गए कि इमरान ने अपने साथ अमेरिका का पैसा भी बचाया. अमेरिका से ट्रंप प्रशासन का कोई अफसर इमरान को रिसीव करने नहीं पहुंचा. न कारों का काफिला न रेड कार्पेट, सारा खर्च बच गया.

एक तरफ पाकिस्तान के क्रिकेट फैन्स हैं जो देश का पैसा खर्च करके मैच देखने जाते हैं और वहां जाकर शिकायत करते हैं कि उनके प्लेयर्स ने ‘पिज्जे खाए हैं, बर्गर खाए हैं.’ दूसरी तरफ वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान हैं, जो देश का पैसा बचाने के लिए पैदल जाने को भी तैयार हैं. अगर कोई उन्हें बता देता कि भारत से चंद्रयान निकल रहा है, वो इमरान को अमेरिका ड्रॉप कर देगा, तो वे इस पर भी बैठ जाते.

खैर, इमरान खान का प्रयास काबिले तारीफ है. अगर कुछ लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान भिखारी हो गया तो उनको कहने दें. इमरान खान अपने लक्ष्य पर ध्यान दें. पैसा बचाना है, किसी भी हाल में. चाहे पिगी बैंक में चिल्लर जमा करने पड़ें. इसके अलावा इमरान खान निम्नलिखित तरीकों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

1. इमरान खान पाकिस्तान की क्रिकेट टीम को ऐसे ट्रेंड कराएं कि वो हर खेल खेल लें. हॉकी, खोखो, कबड्डी, फुटबॉल, सबमें क्रिकेट टीम को सुदृढ़ बनाएं. इससे प्लेयर्स पर खर्च बचेगा. बाकी के जो प्लेयर्स हैं उन्हें कायदे के काम धंधों में लगाया जाए. इससे पैसा बचेगा.

2. नवाज शरीफ और ऐसे तमाम लोगों को जेल से बाहर करें. ये लोग बाहर आकर अपनी मेहनत से कमाएं खाएं, मुफ्त में जेल की रोटी तोड़ रहे हैं. इससे जेल पर खर्च होने वाला पैसा बचेगा.

3. अपनी आर्मी खत्म कर दें. आर्मी का पूरा जिम्मा आतंकी संगठनों को दे दें. एक ही जैसी ट्रेनिंग और वेपन दोनों पर खर्च हो रहे हैं. उल्टे आतंकियों का नेटवर्क ज्यादा मजबूत है और उनको सैलरी भी नहीं चाहिए. उन्हें बस 72 हूरों का लालच देकर पूरी जिंदगी नौकरी कराई जा सकती है.

4. सबसे जरूरी काम ये करें कि ऐसी यात्राएं बंद कर दें जिनमें देश का पैसा खर्च हो रहा है. आराम से घर में पड़े रहें और चिल करें.