व्यंग्यः बॉडी शेमिंग के खिलाफ जो कोई नहीं कर सका, शिवसैनिकों ने कर दिया वो काम

घर में भी बूढ़ी दादियां गंजे लोगों को कहती हैं कि इनका ललाट बड़ा है. ये संपत्ति की निशानी है. वह गलत नहीं कहतीं. दुनिया के सबसे अमीर आदमी अमेजन वाले जेफ बेजोस को देख लो.
man called Uddhav Thackeray bald, व्यंग्यः बॉडी शेमिंग के खिलाफ जो कोई नहीं कर सका, शिवसैनिकों ने कर दिया वो काम

मुंबई के वडाला में सोमवार को शिवसैनिकों ने राहुल के सिर पर मैदान साफ कर दिया. कांग्रेस गठबंधन तोड़ने की न सोचे, यहां बात राहुल गांधी की नहीं राहुल तिवारी की हो रही है. राहुल तिवारी ने गुनाह ए अजीम किया था. फेसबुक पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को टकला लिख दिया था. शिवसैनिकों ने अपने नेता की बेइज्जती को अपनी बेइज्जती माना और राहुल तिवारी का मुंडन कर दिया.

राहुल तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की सोची तो पुलिस ने उल्टे उन्हें ही नोटिस दे दिया. राहुल तिवारी को इतने पर भी खुशी मनानी चाहिए कि मुंबई में रहते हुए उनका सिर्फ मुंडन हुआ. अगर शिवसैनिकों कों पता चल जाता कि वो उत्तर प्रदेश या बिहार से हैं तो स्थिति हाथ से निकल सकती थी. उन्हें पहली फुरसत में वहां से एक्सपोर्ट कर दिया जाता.

इस मुद्दे पर बीजेपी ने शिवसेना को आड़े हाथों लिया. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा कि कानून हाथों में लेने वालों को बचाना कहां का न्याय है. सोमैया को यह समझना चाहिए कि टकला कहने वाला किसी का नहीं हो सकता है. आज उद्धव ठाकरे को कहा है, कल हमारे गृह मंत्री जी को भी कह सकता है. ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना किसी भी पार्टी के लिए ठीक नहीं है. हर पार्टी में दो-चार टकले मिल जाएंगे जिनको टकला कहने का अधिकार किसी भी नेटजीवी को नहीं होना चाहिए.

बड़े-बड़े मोटिवेशनल स्पीकर, सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक-विचारक, दर्शनशास्त्री आदि समझाते रहते हैं कि बॉडी शेमिंग बुरी बात है. किसी को भी टकला, काला, मोटा, नाटा, ये सब कहने से पहले अपनी शक्ल देख लेनी चाहिए. सामाजिक मान्यताओं के अनुसार खुद कितने भी बड़े अर्नाल्ड स्वार्जनेगर हो, फिर भी किसी की शारीरिक बनावट का मजाक बनाना बुरी बात है.

घर में भी बूढ़ी दादियां गंजे लोगों को कहती हैं कि इनका ललाट बड़ा है. ये संपत्ति की निशानी है. वह गलत नहीं कहतीं. दुनिया के सबसे अमीर आदमी अमेजन वाले जेफ बेजोस को देख लो. सिर पर पूरा चांद दिखाई देता है. उसे किसी ट्रोल की हिम्मत नहीं पड़ेगी कि टकला बोल दे. अपने देश के नेताओं पर उंगली उठाते रहते हैं.

तारीफ इस बात की होनी चाहिए कि इतने समाज शिल्पी और दादियां मिलकर भी किसी ट्रोल को कनविंस नहीं कर सके कि बॉडी शेमिंग बुरी बात है. वह काम शिवसैनिकों ने बखूबी कर दिया है. राहुल तिवारी की हिम्मत इस कदर जवाब दे गई है कि वे अब इस मामले में गवाही देने से भी पीछे हट गए हैं. कानून हाथ में लेकर कानून सिखाने वाले शिवसैनिकों को नमन.

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