‘मोदी ने अक्षय कुमार को इंटरव्यू दिया तो क्या हुआ, राजीव गांधी ने भी तो सिमी ग्रेवाल को दिया था’

एक 'नॉन पॉलिटिकल' इंटरव्यू ने राजनीति की दुनिया में आग लगा रखी है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि पीएम मोदी ने पत्रकारों को इंटरव्यू न देकर एक्टर को इंटरव्यू क्यों दिया. उनके लिए जवाब.

एक ‘नॉन पॉलिटिकल’ इंटरव्यू ने पॉलिटिक्स दुनिया में आग लगा रखी है. अक्षय कुमार ने इंटरव्यू लेने की एक्टिंग की. मोदी जी ने इंटरव्यू देने की एक्टिंग की. इससे साबित हुआ कि अक्षय कुमार ही नहीं, मोदी जी भी खिलाड़ी हैं. बहरहाल देश की जनता को आम के शौक, सवा रुपए, तू तारी वाले ओबामा समेत कई एक्सक्लूसिव जानकारियां मिल गईं. कुछ जलनखोरों को इस नॉन पॉलिटिकल इंटरव्यू से जलन हुई. उन्होंने अक्षय कुमार को पत्रकार मानने से मना कर दिया. जैसे प्रसून जोशी को मानने से मना कर दिया था.

इन लोगों को जवाब देना जरूरी था. जवाब के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होती. आर्काइव खंगालो, सामने सब खुल जाता है. जैसे ही लोगों ने सवाल किया कि मोदी जी तो एक एक्टर को इंटरव्यू दे रहे हैं. उनके मुंह पर फोटो सहित जवाब दे मारा गया. कहा गया राजीव गांधी ने भी तो सिमी ग्रेवाल को दिया था.

सिमी ग्रेवाल का संक्षिप्त परिचय: सिमी ग्रेवाल को वो जनता जरूर पहचानती होगी जिसने ऋषि कपूर वाली कर्ज देखी है. उसमें कातिल हसीना कामिनी वर्मा का रोल किया था. इनका ‘रॉन्दे वू विद सिमी ग्रेवाल’ नाम का टीवी शो आता था. जिसमें उस समय के मशहूर नेता, अभिनेता, बिजनेसमैन, आते थे और निजी जीवन से जुड़ी बातें करते थे. ‘कॉफी विद करण’ से काफी अलग वो शो था. उसी में एक एपिसोड राजीव गांधी के साथ भी था.

इस जवाब में एक छोटी सी प्रॉब्लम है. ये जवाब हर इल्जाम के साथ आर्काइव से खंगालकर दिया जाता है. उन सवाल जवाबों के कुछ नमूने:

सवाल- नरेंद्र मोदी महंगे कपड़े पहनते हैं. 10 लाख का सूट पहनते हैं.
जवाब- जवाहर लाल नेहरू के कपड़े भी तो विदेश में धुलते थे.

सवाल- नरेंद्र मोदी हमेशा विदेश यात्रा पर ही रहते हैं.
जवाब- इंदिरा गांधी भी तो देश से ज्यादा विदेशों में रहती थीं.

सवाल- मोदी के इंटरव्यू में जो सवाल थे वो बहुत हल्के थे.
जवाब- इंदिरा गांधी से भी तो उनकी घर गृहस्थी पर ही सवाल किए जाते थे.

ये सारे सवाल-जवाब मिलकर एक बड़ी प्रॉब्लम बना रहे हैं. मोदी जी ने कसम उठा रखी है कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की. लेकिन काम तो सब वही हो रहा है जो कांग्रेस के नेता कर चुके हैं. यानी सारा ऐशो आराम सरकार बदलने के साथ पार्टी बदल ले रहा था. पहले कांग्रेस में था, अब बीजेपी में है. ये आत्मा की तरह सिर्फ शरीर बदल लेती है, ये काले धन की तरह सिर्फ अकाउंट बदल लेती है. उस पर भी गलतफहमी ये कि हमारी पार्टी अलग है, हमारे नेता अलग हैं. नाम बदला है बस, कोई अलग नहीं है.