व्यंग्य: जड़ी-बूटियों से निकलकर मुर्गी के शरीर में पहुंचा आयुर्वेद, सांसद संजय राउत ने लूटी महफिल

जिस तरह सदन में संजय राउत ने बताया कि उन्हें आदिवासियों ने 'आयुर्वेदिक मुर्गी' खाने के लिए कनविंस कर लिया, वैसे ही हमारे दोस्त भी कनविंस कर लेते हैं.

देश का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है. अभी तो बाढ़ ही घटती नहीं दिख रही, बाढ़ के बाद महामारियों का खतरा है. बिहार में पिछले महीने चमकी बुखार की वजह से 200 से ज्यादा बच्चे मर गए. ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि राज्यों में कुपोषित बच्चों की पूरी फौज है. लेकिन राज्यसभा सदन में मौज है. वहां सोमवार को आयुष मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हुई. चर्चा में शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक बहुत पुरानी डिबेट पर ब्रेक लगा दिया. उन्होंने आयुर्वेदिक मुर्गी और शाकाहारी अंडे का कॉन्सेप्ट सुनाकर महफिल लूट ली.

सांसद को मिली आयुर्वेदिक मुर्गी

आयुर्वेद अब फूल-पत्तियों, जड़ों-डंठलों से निकलकर मुर्गी के शरीर तक में पहुंच चुका है. इस बात का प्रूफ देते हुए संजय राउत ने एक ‘सच्ची घटना’ का जिक्र किया जो उनके साथ नंदूरबार में घटी थी. उन्होंने बताया कि एक आदिवासी गांव में वे खाने गए तो वहां उन्हें मुर्गी परोस दी गई. उन्होंने खाने से इन्कार किया तो आदिवासियों ने उन्हें ये कहकर कनविंस कर दिया कि ये आयुर्वेदिक मुर्गी है. इसे लौंग, इलायची जैसे मसाले और हर्बल खाना खिलाया गया है. इस तरह ये मुर्गी आयुर्वेदिक हो गई है, इससे निकला अंडा पूरी तरह शाकाहारी है और मांसाहार से कुढ़ने वाले लोग भी इसे आराम से खा सकते हैं. इस मुर्गी को खाने में शरीर के तमाम रोग-दोष दूर हो जाते हैं.

ऐसे ही कनविंस कर लेते हैं दोस्त

उन आदिवासियों में मुझे अपने दुष्ट दोस्त दिख गए हैं. वे भी शराब पिलाने के लिए ऐसे ही कनविंस कर लेते हैं. ‘ले न भाई अंगूर का रस ही तो है, अरे एक पैग में कुछ नहीं होता, अरे हम तेरा एकदम हल्का बनाएंगे कुछ नहीं होगा, अरे बिल्कुल कड़वा नहीं लगेगा बे ये चखना किसलिए है, इसको पीने से मन शुद्ध और अंत:करण निर्मल हो जाता है, सारे दुख संताप मिट जाते हैं,’ ऐसे जुमले सुना सुनाकर दोस्तों ने कई बार कनविंस किया. उनको कैसे बताएं कि अगर इतनी सी बात है तो एक बार नीतीश कुमार और गुजरात सरकार को भी समझा दो. वहां पूरे स्टेट में बैन की हुई है.

मुझे पूरा यकीन है संजय राउत एक दिन बिहार और गुजरात के लोगों के अधिकार के लिए जरूर उठ खड़े होंगे और सदन में ताल ठोककर कहेंगे कि ये आयुर्वेदिक दारू है. अगर स्टेट वासियों को रोगमुक्त बनाना है तो दारू पर से बैन हटाना है.

ऐसे तो इंसानों को भी खा लेंगे: अमर सिंह 

सदन के बाहर अमर सिंह एक चैनल के पत्रकार को मिल गए तो पत्रकार ने उनकी बाइट ले डाली. अमर सिंह ने कहा कि ये राउत का तर्क नहीं, कुतर्क है. अगर शाकाहारी खाने की वजह से मुर्गी आयुर्वेदिक हो जाती है तो गाय भी शाकाहारी है, बकरी भी शाकाहारी है, बहुत से इंसान भी मांसाहार नहीं करते, उन सबको आयुर्वेदिक बताकर खा लोगे क्या? अमर सिंह की इस बात में प्वाइंट है. इस बात से ज्यादा आशंका ये है कि अमर सिंह जुमलों से कनविंस होने वाले दोस्त नहीं हैं.

जाने अनजाने संजय राउत ने उन लोगों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं जो फैमिली और रिश्तेदारों के डर से नॉनवेज नहीं खाते. अब वो भी मम्मी पापा के सामने शौक से ऑमलेट खाते हुए बता सकेंगे- जस्ट चिल मॉम डैड, इट्स वेज. अब तो पार्लियामेंट में प्रूव हो चुका है. अब मुर्गी खाने वालों को रिश्तेदार जज नहीं कर पाएंगे.

लोग कह रहे हैं कि संजय राउत ने मुर्गी और अंडे के शाकाहारी या मांसाहारी होने की बहस एक बार फिर खड़ी कर दी है. कायदे से देखा जाए तो उन्होंने इस बहस को अंजाम तक पहुंचा दिया है, अब इस पर सवाल नहीं उठना चाहिए.

नोट- ये लेखक के निजी विचार हैं और ये लेख व्यंग्य के उद्देश्य से लिखा गया है.

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