व्यंग्य: आंध्र प्रदेश में होंगी तीन राजधानी, UPSC की परीक्षा देने वाले हो जाएंगे कनफ्यूज

अब आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के पास रोजगार के अवसर तलाशने के लिए तीन ऑप्शन और होंगे.

आपने एक प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्री सुने होंगे, एक शहर को दो राज्यों की राजधानी बनते देखा होगा, लेकिन एक प्रदेश की तीन राजधानी पहली बार बनने जा रही हैं. जिसे करने की हिम्मत सम्राट अशोक से लेकर बादशाह अकबर तक नहीं कर सके, वही काम अब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी करने जा रहे हैं.

वैसे तो ये समय ही ऐतिहासिक चल रहा है. जो भी काम हो रहा है वो ऐतिहासिक हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट ऐतिहासिक फैसले दे रहा है. सरकार ऐतिहासिक मूर्तियां बनवा रही है. जनता ऐतिहासिक जनाधार दे रही है. अब यूपी में सरकार नाम बदल रही थी तो देखा-देखी जगन मोहन रेड्डी ने सोचा होगा हमारी सरकार भी कुछ तूफानी करेगी. हम नाम नहीं बदलेंगे, सीधे पुराने नामों को राजधानी बना देंगे. इस बात का इशारा उन्होंने मंगलवार को विधानसभा में किया.

तीन राजधानी होने से न सिर्फ आंध्र प्रदेश के लोगों को फर्क पड़ेगा बल्कि पूरे देश में एक नया संदेश जाएगा. UPSC की तैयारी कर रहे लोगों के एग्जाम में भी ये सवाल आएगा कि ‘इनमें से कौन सी आंध्र प्रदेश की राजधानी है?’ 2 नंबर. जवाब में अभ्यर्थी के सामने चार ऑप्शन होंगे जिनमें से एक ऑप्शन होगा ‘उपरोक्त सभी.’ इस तरह ये फैसला पूरे देश पर असर डालेगा और बाकी सरकारों को नए आइडियाज देगा.

जगन मोहन रेड्डी ने करनूल, विशाखापट्टनम और अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का इशारा किया है. वो खुद किस राजधानी के ऑफिस में बैठेंगे इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई है. हो सकता है वो शिफ्ट में काम करें और सुबह-दोपहर-शाम के हिसाब से हर राजधानी के दफ्तर में कार्ड पंच करते रहें.

कुल मिलाकर तीन राजधानी बनने से तीन शहरों का भला होगा. वहां प्रॉपर्टी के रेट बढ़ जाएंगे, डेवलपमेंट हो जाएगा, हो सकता है कि मेट्रो भी आ जाए. अभी तक ये था कि पूरे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग नौकरी चाकरी के चक्कर में हैदराबाद भागते थे. अब उनके पास टोटल चॉर ऑप्शन होंगे. हैदराबाद के अलावा वे आंध्र की इन तीन राजधानियों में भी जा सकेंगे.

जो लोग समझ रहे होंगे कि तीनों शहरों में सारे काम हो जाएंगे वो थोड़ा धीरज धरें. तैयारी ये है कि एग्जीक्यूटिव, लेजेस्लेटिव और ज्यूडिशियल काम अलग-अलग शहरों में होंगे. विशाखापट्टनम एग्जीक्यूटिव राजधानी होगी जहां राज्य का सचिवालय होगा. उसके अलावा वो समुद्र तो रहेगा ही जहां की तस्वीरों से लोग इंस्टाग्राम पाट देते हैं.

करनूल में राज्य का हाईकोर्ट होगा और इसे ज्यूडिशियल कैपिटल के तौर पर जाना जाएगा. मुकदमेबाजी में फंसे लोग इस राजधानी की शोभा बढ़ाएंगे. अमरावती होगी लेजिस्लेटिव कैपिटल. यहां पर विधानसभा होगी और यहां लालबत्ती गाड़ियों का जमावड़ा रहा करेगा. आंध्र प्रदेश की जनता का तो पता नहीं, देश भर की जनता इसे लेकर बहुत एक्साइटेड है. हम हर उस चीज को लेकर एक्साइटेड रहते हैं जिससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. इसलिए वेट एंड वॉच.

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