ब्लॉग: शुक्र है आईपीएल आया…कुछ तो ओरिजनल लाया

एनसीबी, ईडी, सीबीआई अपनी जगह सही, लेकिन इन सबसे आगे वही कहानी सही, जो मैंने कही. यही तो हो रहा था, यही तो हो रहा है. ये सब होगा तो आगे भी, लेकिन साथ में कुछ और होगा. अपना IPL होगा, कुछ तो ओरिजनल होगा.

ipl, ipl ceremony, ipl opening ceremony, Indian Premier League, ipl news, ipl 2020, Indian Premier League

फेक प्यार, फेक किरदार, दर्शकों के साथ फेक संवाद लगातार सुशांत-रिया-कंगना पर बक-बक धारा प्रवाह. सुसाइड, मर्डर, ड्रग्स, धोखा, छल-प्रपंच की बात दिन रात. बस मेरी थ्योरी सच, सामने वाले की बातें अनाप-शनाप. एनसीबी, ईडी, सीबीआई अपनी जगह सही, लेकिन इन सबसे आगे वही कहानी सही, जो मैंने कही. यही तो हो रहा था, यही तो हो रहा है. ये सब होगा तो आगे भी, लेकिन साथ में कुछ और होगा. अपना आईपीएल होगा, कुछ तो ओरिजनल होगा. शुक्र है आईपीएल आया. कुछ तो सच्चा लाया.

रिया एंड कंपनी की गाड़ी के पीछे दौड़ के फर्जीवाड़े को देखने की मजबूरी नहीं होगी. विकेटों के बीच दौड़ देखना अच्छा लगेगा. कोर्ट-कचहरी-कानून के फैसले से पहले सजा तय कर देने वाले स्यंभुओं से मुक्ति का विकल्प होगा. हार और जीत का फैसला खुले मैदान पर होगा. वही जीतेगा, जो अच्छा खेलेगा, जो जीतने लायक होगा. जिताने और हराने का न खेल होगा और न ही एजेंडा. शुक्र है आईपीएल आया. कुछ तो ओरिजनल लाया.

कोरोना का शोषण क्या कम था. भाइयों ने तो इमोशन के नाम पर शोषण का पूरा उद्योग ही खड़ा कर लिया. इमोशन अब भी होगा, लेकिन ओरिजनल होगा. अपनी-अपनी पसंदीदा क्रिकेट टीम के लिए होगा. अपने चहेते खिलाड़ियों के लिए होगा. जो भी होगा,सच्चा होगा. पक्का होगा.

विरोध के नाम पर गालियों की किताब छाप दी. असभ्यता को आदत बना दी. अलग सोच-विचार वाले महज विरोधी सोच से आगे बहुत बड़े दुश्मन नजर आने लगे. विरोधी टीमें अब भी होंगी. यूएई के रेगिस्तान में एक-दूसरे से लड़ेंगी-भिड़ेंगी, लेकिन ये टकराव खेल भावना से लवरेज होगा. इस टकराव में क्रिकेट का मान बढ़ेगा. इस मुकाबले में करोड़ों क्रिकेट फैंस के दिलों में नफरत नहीं, सुखद अनुभूति का सैलाब चढ़ेगा. सुशांत-रिया-कंगना के नाम पर टकराव में लोकतंत्र हारता और हांफता नजर आया. आईपीएल की टीमों के टकराव में ऊर्जा का अपार संचार दिखेगा.

बॉलीवुड वाले खेमों में बंट गए. सुशांत-रिया से होते हुए कहानी कंगना पर पहुंची. कंगना से होते हुए बात थाली-गाली तक गई. अब थाली में छेद करने वालों की तलाश है. क्या पता कल को कोई सवाल पूछने वालों से ही सवाल पूछ बैठे!

पूछ बैठे कि जिस पेशे की खाते हैं, झूठी खबरें सुना और बता कर उसी की विश्वसनीयता में छेद क्यों करते हैं? ये द्वंद्व आईपीएल के मैदान पर नहीं होगा. किसी पर कोई दोहरेपन का सवालिया निशान नहीं होगा. फैंस का प्यार सच्चा होगा. खिलाड़ियों का खेल पक्का होगा.

कोई चुप रहे, तो सवाल है कि जवाब क्यों नहीं देते? जवाब दे, तो आरोप है कि झूठ क्यों बोलते हो? अपनी ही चलाने की कोशिश आईपीएल के मैदान पर भी होगी, लेकिन चलेगी उसी की, जिसमें माद्दा होगा. उसकी नहीं, जो बेशर्मी से झूठ को सच और सच को झूठ बनाने पर आमादा होगा. शुक्र है आईपीएल आया. कुछ तो अपने दिल की लाया.

वह मेरे बिहार का बेटा है. वो मेरे बंगाल की बेटी है. वह मेरे हिमाचल की है. उसने हमारी मराठा अस्मिता पर चोट की है. सियासत की मदहोशी में देश हाशिये पर है. सबकुछ गड्डमड्ड है. आईपीएल के मैदान पर चेन्नई के सुपर किंग्स होंगे. पंजाब के किंग्स होंगे. मुंबई के इंडियंस होंगे. कोलकाता के राइडर्स, हैदराबाद के सनराइजर्स और बैंगलोर के चैलेंजर्स भी होंगे. दिल्ली के कैपिटल्स और राजस्थान के अदद रॉयल्स भी होंगे, लेकिन सब के सब ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ की छांव में होंगे.

क्रिकेट के सबसे बड़े ब्रांड में अपने देश के महाशक्ति होने के गुमान के साथ होंगे. भारत की ताकत के प्रमाण होंगे. शुक्र है आईपीएल आया. देश को क्रिकेट के एकसूत्र में बांधने का मौका लाया.

उम्मीद है:

अब न कोरोना का वायरस डराएगा. अब बाबला मन न रिया की गाड़ी के पीछे पड़ेगा. न दिल किसी आरोपी को सजा-ए-मौत देने पर आमादा होगा. अब न गालियों की बौछार होगी. न अपशब्दों की भरमार होगी. उफ! मैं भी किस गलतफहमी का शिकार हो गया. सॉरी. ये सब अभी भी होगा, लेकिन साथ में अपना आईपीएल होगा. एक अदद और सुखद ओरिजिनल विकल्प होगा.

Related Posts