एक्शन से पहले पीएम की दो टूक- ‘आतंकवादियों को उन्हीं की भाषा में मिलेगा जवाब’

“10 दिन पहले मदर इंडिया ने अपने कई वीर सपूत खो दिए. देशभर में लोग कष्ट और गुस्से में हैं. शहीदों के परिवारों के लिए पूरा देश उठ खड़ा हुआ है. हमारे सुरक्षा जवानों ने हमेशा ही अकल्पनीय शौर्य और साहस का परिचय दिया है. कहीं पर भी शांति कैसे स्थापित की जाए ये हमारे […]

“10 दिन पहले मदर इंडिया ने अपने कई वीर सपूत खो दिए. देशभर में लोग कष्ट और गुस्से में हैं. शहीदों के परिवारों के लिए पूरा देश उठ खड़ा हुआ है. हमारे सुरक्षा जवानों ने हमेशा ही अकल्पनीय शौर्य और साहस का परिचय दिया है. कहीं पर भी शांति कैसे स्थापित की जाए ये हमारे जवानों को बखूबी पता है. साथ ही उन्हें आतंकवादियों को उन्हीं की भाषा में भरपूर जवाब देना भी आता है.”

रविवार की सुबह प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ देश के सामने रखी, जिसमें सरहद पार के दुश्मनों को सबक सिखाने के संकेतों के साथ-साथ कश्मीर की धरती का चैन छीनने वालों के लिए भी संदेश साफ था. 

अध्यादेश के जरिये खत्म होगा आर्टिकिल 35?

इस बीच श्रीनगर की हवा में तनावपूर्ण सन्नाटा है. केंद्र का अगला एक्शन क्या होगा, इसका पता जल्दी ही चल जाएगा. लेकिन सुरक्षा बलों की 100 कंपनियों की तैनाती ने कुछ बड़े एक्शन के संकेत जरूर दे दिए हैं. एक कयास इस बात को लेकर है कि सरकार अध्यादेश के जरिए आर्टिकिल 35ए को खत्म कर सकती है. जमात-ए-इस्लामी पर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई और जेकेएलएफ चेयरमैन को डिटेन करने के बाद ऐसे कयासों को और ज्यादा बल मिला है. 

आर्टिकिल 35ए जम्मू-कश्मीर से बाहर के लोगों को घाटी में अचल संपत्ति हासिल करने और स्थायी रूप से रहने से रोकता है. साथ ही, इसकी वजह से बाहर के लोग राज्य सरकार की ओर से चलने वाली कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं उठा सकते हैं.

पीएम से 1 घंटे तक मिले राजनाथ

इधर, दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ शनिवार को गृहमंत्री की लंबी मुलाकात चली. ये चर्चा पुलवामा हमले के बाद पैदा हालात पर थी. कहा जा रहा है कि लगभग एक घंटे चली इस बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ और घाटी में संभावित कार्रवाई को लेकर बात हुई. 

25 फरवरी से रक्षा मंत्री की तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक

पुलवामा हमले के बाद सरकार लगातार आगे की कार्रवाई के लिए रणनीति बनाने में जुटी हुई है. इसी सिलसिले में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण 25 फरवरी सोमवार को तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मीटिंग करेंगी. इस बैठक में देश के कई रक्षा विशेषज्ञ भी शामिल हो रहे हैं. ये बैठक 2 दिनों तक चलेगी. 

अमेरिका समेत कई देश भारत के साथ

पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत को दुनियाभर के कई देशों से सहयोग मिल रहा है. सबसे गौर करने वाली बात ये है कि अमेरिका भारत की ओर से होने वाली किसी भी सख्त कार्रवाई का समर्थन करता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि- “भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति बहुत ही खराब मोड़ पर है. नई दिल्ली की किसी भी मजबूत कदम उठाने की इच्छा को हम समझते हैं क्योंकि उन्होंने उन्होंने अपने 50 लोगों को खोया है.” 

अमेरिकी रुख पूरी तरह से साफ है और यह भारत के पक्ष में है. यही वजह है कि अमेरिका के नेतृत्व में यूएनएससी में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने न सिर्फ पुलवामा हमले की निंदा की, बल्कि पाकिस्तान पर इस बात का दबाव भी डाला है कि वह अपनी धरती को आतंकवादियों के लिए पनहगाह बनने से रोके और साथ ही हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे. हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा भीषण तनाव को लेकर ट्रंप ने ये भी कहा कि हम इसे रुकते देखना चाहते हैं.