कहीं ‘तमंचे पर डिस्को’ तो कहीं हर्ष फायरिंग में डांसर की मौत, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कब तक उड़ेंगी धज्जियां?

सुप्रीम कोर्ट और अलग-अलग राज्यों में हाईकोर्ट ने हर्ष फायरिंग रोकने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। यही नहीं कई राज्यों में अलग-अलग समय पर डीजीपी स्तर पर इसे रोकने के लिए सर्कुलर भी जारी किए जाते रहे हैं। बावजूद इसके...

नई दिल्ली: हर्ष फायरिंग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का बार-बार क्यों हो रहा है उल्लंघन? पाबंदी के बावजूद शादी समारोहों में क्यों सरेआम लहराए जा रहे हैं असलहे? सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद आरोपियों के खिलाफ पुलिस क्यों नहीं कर पाती सख्त कार्रवाई? अलग-अलग राज्यों में हर्ष फायरिंग रोकने के लिए बने नियमों का क्यों नहीं हो रहा है पालन?

आज ये सवाल फिर से इसलिए मौजूं हो गए हैं कि बिहार के सहरसा में एक शादी समारोह में हुए हर्ष फायरिंग में एक डांसर बेमौत मारी जाती है और वहां मौजूद लोग तमाशा देख रहे होते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ कानपुर में जहां बीजेपी के युवा नेता ने कानून को ताक पर रखकर तिलक समारोह में सरेआम तमंचे पर डिस्को किया.

देश के अलग-अलग शहरों में एक बार फिर शादियों और पार्टियों में असलहे लहराए जा रहे हैं और उनसे ताबड़तोड़ फायरिंग भी हो रही है. पुलिस की लापरवाही से हर दिन शादियों में लोग हर्ष फायरिंग से बाज नहीं आ रहे हैं. इसी का नतीजा है कि हर्ष फायरिंग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और जश्न में मौत का खेल खेला जा रहा है.

हर्ष फायरिंग ने ली डांसर की जान
बिहार के सहरसा में एक शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से डांसर की मौत हो गई. इस घटना से अचानक घर में खुशी का माहौल गम में बदल गया. खबर के मुताबिक सहरसा के सोनवर्षा इलाके में आयोजित शादी समारोह में स्‍टेज के सामने से सैकड़ों राउंड फायरिंग हुई और इसी दौरान एक गोली डांसर को लग गई और उसकी मौत हो गई.

मृतका डांसर आकृति सिंह उर्फ मधु जब वह स्टेज पर डांस कर रही थी तो परिवार के लोग स्टेज के सामने से राइफल और पिस्टल से गोली चला रहे थे. इस मामले में मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस छानबीन में जुटी है.

बीजेपी नेता ने किया तमंचे पर डिस्को
कानपुर में आयोजित एक तिलक समारोह में बीजेपी युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा पुलिस और प्रशासन के नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए. उनकी फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. बताया जाता है कि ये वीडियो कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में स्थित बीजेपी समर्थक प्रशांत सिंह चंदेल के घर 14 फरवरी को आयोजित तिलक समारोह का बताया जा रहा है.

तिलक समारोह में बीजेपी युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा इतने खुश हो गए कि उन्होंने अपनी पिस्तौल निकाली और इसे हवा में लहराकर तमंचे पर डिस्को शुरू कर दिया. जब उनके साथियों ने उन्हें समझाया कि जो वो कर रहे हैं वो गलत है तो उन्होंने पिस्तौल जेब में रख ली. इस मामले में पुलिस बस ये कह रही है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.

यूपी में डीजीपी की सख्ती बेअसर
यूपी पुलिस ने शादी समारोह या किसी भी तरह के सार्वजनिक आयोजन में हर्ष फायरिंग और हथियारों के खुले प्रदर्शन पर रोक लगा रखी है. प्रदेश के पुलिस मुखिया ओपी सिंह ने सभी जिलों के पुलिस अफसरों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं फिर भी इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है. यूपी में किसी भी जिले में इस तरह की घटनाएं सामने आने पर प्रभारी निरीक्षक और थानाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराने की बात कही गई है, फिर भी ये आदेश बेअसर हो रहा है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां
सुप्रीम कोर्ट और अलग-अलग राज्यों में हाईकोर्ट ने हर्ष फायरिंग रोकने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं. यही नहीं कई राज्यों में अलग-अलग समय पर डीजीपी स्तर पर इसे रोकने के लिए सर्कुलर भी जारी किए जाते रहे हैं. बावजूद इसके हर्ष फायरिंग रोकने में पुलिस असफल होती रही है. आदेश तो ये भी है कि एक सप्ताह में आरोपियों के लाइसेंसी असलहे निरस्त कर दिए जाएं, लेकिन तमाम आदेशों और नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती है और पुलिस बेबस दिखती है.