IND vs PAK मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के फैन्स की फेसबुक चैट!

व्यंग्य: भारत ने ‘सोते सरफराज’ की टीम को 89 रन के बड़े अंतर से हरा दिया. दोनों टीमों के फैन अपने अपने देश में बैठे एकदूसरे से बातें कर रहे हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 2:30 pm, Mon, 17 June 19

इधर #IndvsPak ट्रेंड कर रहा था. हर घंटे इस पर सैकड़ों ट्वीट हो रहे थे. इस एलीट मीमिस्तान से दूर यूपी के बाराबंकी में अंकुर मैच का आनंद ले रहा था. फेसबुक पर हो रही कमेंट्री से अद्भुत आनंद की प्राप्ति कर रहा था. वो सारे अच्छे जोक्स मार्क कर रहा था, कॉपी में नोट कर रहा था. व्हाट्सऐप पर फॉरवर्ड करने के लिए नहीं, मुबीन के लिए. अंकुर और मुबीन दो साल से फेसबुक फ्रेंड हैं. मुबीन मुल्तान के पास एक गांव का है. फेसबुक के अलावा अंकुर और मुबीन को क्रिकेट ने जोड़ रखा है. दोनों अपनी टीम के सपोर्टर हैं और ये वाला मैच उनके लिए बेहद खास रहा. दोनों ने तय किया कि मैच के दौरान कोई बात नहीं होगी. खत्म होने के बाद हाल चाल लेंगे. ‘हमारी टीम ही जीतेगी देखना’ कहकर ऑफलाइन हुए दोनों जब वापस ऑनलाइन आए तो मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई. बात is wali hindi में हुई थी लेकिन समझने के लिए असली हिंदी में लिखी जा रही है.

अंकुर- और बेट्टा मुबीन. बताया था न कि बाप बाप होता है.
मुबीन- ज़रा तो शरम बाकी रखें अंकुर भाई हमारा अपना सिक्का खोंटा निकला नहीं तो आप ऐसी बातें हरगिज न कर पाते.
अंकुर- इतिहास देखो इतिहास, जिन्ना ने पाकिस्तान बनवाया ही इसलिए था कि वो हमसे मैच में हार सके.
मुबीन- हमारे जन्नतनशीं कायदे आज़म पर नाकाबिले बर्दाश्त बातें आप करेंगे तो हम ब्लॉक कर देंगे.
अंकुर- जहां ब्लॉक करना था वहां कर नहीं पाए. तुम्हारे फील्डर शर्मा की सेंचुरी के आगे ढेर हो गए.
मुबीन- फील्डर नहीं सारे प्लेयर्स ने हमारा मकाम छोटा किया है. हम उनका सपोर्ट करते रहे और वो सानिया भाभी की पार्टी में बर्गर और पिज्जे नोश फरमाते रहे. फिटनेस का खियाल नही रहा हमारी कौमी टीम को.
अंकुर- इत्ती निहारी खा लिया तुम्हारा सरफराज कि बीच मैदान में मुंह फाड़ करके जम्हाई ले रहा था. इनको सोने नहीं देते क्या तुम लोग?
मुबीन- हमारे टैलेंटेड प्लेयर का ऐसे मज़ाक न बनाएं अंकुर भाई. हमारे मुल्क ने, हमारी कौम ने इंजी भी पैदा किया है, जावेद मियांदाद भी. सरफराज के ऊपर वक्ती मार पड़ी है इंशा अल्लाह रिकवर कर लेंगे.
अंकुर- इंशा अल्ला तो कर लेंगे लेकिन ये वाला मैच तो निकल गया. अभिनंदन का ऐड बनाने वालों को कुछ समझाओ तुम लोग कि ज्यादा उछलें नहीं.
मुबीन- ऐड तो देखिए भाई आपके यहां भी बनाते हैं. ये बचकाना हरकतें आपके मुल्क में भी कम नहीं होतीं.
अंकुर- देखो मियां हरकतें भले बच्चों वाली हों लेकिन काम हमेशा बड़ों वाला किया है, देखो फिर से हरा दिया न.
मुबीन- कैप्टन ने छोड़ी गलती कर दी. अगर मुल्क के कैप्टन हजरत इमरान की बात हमारी टीम की कैप्टन मान लेते तो नतीज़े दूसरे होते.
अंकुर- तुम्हारे दोनों कैप्टन बेकार हैं भाईजान. एक से मुल्क नहीं संभल रहा, दूसरे से मैच नहीं संभल रहा. हमारे यहां ये अच्छा हुआ कि पिछली बार की तरह पाकिस्तान से मैच का बायकाट नहीं किया. चार लोग देखेंगे तो तुम्हारी जीडीपी में इजाफा हो जाएगा.
मुबीन- भाईजान बुरा न मानें आप. हमारी जीडीपी कम है, हमारा देश गरीब है लेकिन हमारा क्रिकेट में इंटरेस्ट समझ में आता है क्योंकि हमारे वजीरे आजम कप्तान रह चुके हैं. आपके यहां भी मसाइल कम नहीं हैं. सूखा, बीमारी से बच्चों की मौतें छोड़कर आप मैच में मन लगा रहे हैं. हमारे हुक्मरान कैप्टन से खेलने के तरीके बता रहे हैं. आपके होम मिनिस्टर जीत को एक और सर्जिकल स्ट्राइक बता रहे हैं.
अंकुर- तुम्हारी टीम हार गई इसलिए फिलास्फर बन रहे हो मुबीन मियां. यहां पटाखे छूट रहे हैं.
मुबीन- पटाखों के शोर में बहुत आवाज़ें दब गई हैं भाईजान. आप उनको सुनकर आएं, तब तक हम डिनर कर लेते हैं. फिर बात करते हैं.
अंकुर- भूलना मत, यहीं से शुरू करेंगे.

अंकुर-मुबीन की काल्पनिक बात यहां खत्म होती है. अब इंटरनेट पर आई कुछ चीजें देख ली जाएं.