सनी देओल के ये डायलॉग्स बीजेपी अपने प्रचार में कर सकती है इस्तेमाल!

सनी देओल ने ऑफिशियली बीजेपी जॉइन कर ली है. उनके मंच पर बैठे बैठे निर्मला सीतारमण को बॉर्डर फिल्म की याद आई. आगे पार्टी को चुनाव प्रचार के लिए ये डायलॉग्स याद आएंगे.

सनी देओल बीजेपी में शामिल हो गए. मंच पर मौजूद निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल ने इसका ऐलान किया. इस दौरान सनी देओल को अटल बिहारी वाजपेयी याद आए. निर्मला सीतारमण को बॉर्डर फिल्म याद आई. बॉर्डर फिल्म से वो डायलॉग्स याद आए जिनका इस्तेमाल बीजेपी अपने चुनाव प्रचार में कर सकती है. सनी देओल चीख चीखकर संवाद बोलने के लिए मशहूर हैं. उनके कुछ कायदे के संवाद बीजेपी उठा सकती है.

1. जब सनी देओल चुनाव प्रचार के लिए मंच से मालाएं पहने हुए नॉर्मल सी काम चलाऊ लाइन बोलेंगे-

आप अपने बच्चों को एक ऐसा शहर विरासत में देना चाहते हैं जो गुंडे, बदमाश और ख़ूनी चला रहे हों. – नरसिम्हा

2. बीजेपी का हर नेता अपने भाषण में पाकिस्तान को जिन्न वाले चिराग की तरह घिसता है. सनी देओल को ऐसा करने का अवसर मिला तो डायलॉग उनके पास रेडी है. बस अशरफ अली की जगह तत्कालीन प्रधानमंत्री का नाम भरना रहेगा.

अशरफ अली! आपका पाकिस्तान ज़िंदाबाद है, इससे हमें कोई ऐतराज़ नहीं लेकिन हमारा हिंदुस्तान ज़िंदाबाद है, ज़िंदाबाद था और ज़िंदाबाद रहेगा! – गदर

3. जब विक्टिम कार्ड खेलना होगा तो सनी देओल क्या करेंगे? चाय वाला और चौकीदार तो मोदी जी बन चुके हैं. अब मजदूर की तरह खुद को प्रोजेक्ट करेंगे.

ये मज़दूर का हाथ है कात्या, लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है! ये ताकत ख़ून-पसीने से कमाई हुई रोटी की है. मुझे किसी के टुकड़ों पर पलने की जरूरत नहीं.- घातक

4. जब विपक्षी पार्टी का कोई नेता ‘कमल कमल कमल कमल कमल कमल कमल कमल कमल कमल कमल’ जैसी नौटंकी करे और उसे जवाब देना हो.

जाओ बशीर ख़ान जाओ, किसी नाटक कंपनी में भर्ती हो जाओ, बहुत तरक्की मिलेगी तुम्हे, अच्छी एक्टिंग कर लेते हो. – घायल

5. सनी देओल सोशल मीडिया पर भी सक्रिय होंगे. फिर कोई फोटोशॉप्ड इमेज भी ट्वीट करेंगे. फिर ट्रोल भी होंगे. फिर क्रोधित होकर ये ट्वीट करेंगे.

डरा के लोगों को वो जीता है जिसकी हडि्डयों में पानी भरा हो. इतना ही मर्द बनने का शौक है न कात्या, तो इन कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दे. – घातक

6. एक बार फिर विक्टिम कार्ड खेलना हो तो.

जो दर्द तुम आज महसूस करके मरना चाहते हो, ऐसे ही दर्द लेकर हम रोज़ जीते हैं. – घातक

7. यूपी में योगी जी की तरफ से प्रचार करना हो तो.

चिल्लाओ मत, नहीं तो ये केस यहीं रफा-दफा कर दूंगा. न तारीख़ न सुनवाई, सीधा इंसाफ. वो भी ताबड़तोड़. – दामिनी

ये तो कुछ डायलॉग्स हैं. अगर ढंग का राइटर मिल गया तो सनी देओल चुनाव को पूरी फिल्म बना सकते हैं.

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