जिसे चुनाव आयोग मानता है ‘हेट स्पीच’ वो योगी आदित्यनाथ के लिए रोज का काम

अली-बजरंग बली करके 72 घंटे चुनाव प्रचार से बैन झेलने वाले योगी आदित्यनाथ वापस फार्म में आ गए हैं. श्मशान-कब्रिस्तान शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग के लिए ये विवादित बयान होंगे, योगी के लिए डेली रुटीन है.

उत्तर प्रदेश बीजेपी की फिज़ा में जश्न का माहौल है. 72 घंटे बैन के अंदर चुनाव प्रचार करने वाले योगी आदित्यनाथ ने फिर मुंह खोल दिया है. आते ही बमबारी शुरू कर दी जिसके लिए वो जाने जाते हैं. उनके लिए चुनाव आयोग का आदेश ‘इज़ जस्ट अ धमकी.’ धमकियों को जो सीरियसली ले वो काहे का योगी. वापसी करते ही श्मशान-कब्रिस्तान शुरू कर दिया.

चुनाव आयोग मासूम है. उसको पता ही नहीं कि पंगा किस शख्सियत से ले रहा है. योगी आदित्यनाथ अभी जो बोल रहे हैं वो तो शोरूम का माल है. उनके गोदाम से इससे भी बड़े नगीने इतिहास में निकल चुके हैं. जो बातें योगी 5-10 साल पहले बोल चुके हैं उनको सुनकर किसी भी शांत चित्त मनुष्य के कान से कीड़े निकल सकते हैं. भुजाएं फड़क सकती हैं. धरती पलट देने का मन हो सकता है.

election 2019, जिसे चुनाव आयोग मानता है ‘हेट स्पीच’ वो योगी आदित्यनाथ के लिए रोज का काम

जो चुनाव आयोग को विवादित बयान लग रहे हैं वो योगी आदित्यनाथ के लिए रोज का काम है. 26 साल की उम्र में सांसद बनने वाले योगी ने बचपन से ही जीभ पर तंदूर जला रखा है.
जून 2016 में कहा था “जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई नहीं रोक सका तो मंदिर बनाने से कौन रोकेगा.”

अक्टूबर 2015 में गोमांस रखने के आरोप में अखलाक की मॉब लिंचिंग हुई थी. उसके बाद योगी ने कहा था “आज ही मैंने पढ़ा कि अख़लाक़ पाकिस्तान गया था और उसके बाद से उसकी गतिविधियां बदल गई थीं. क्या सरकार ने ये जानने की कभी कोशिश की कि ये व्यक्ति पाकिस्तान क्यों गया था?” बाद में अखलाक के घर वालों ने बताया कि पाकिस्तान से उस पूरी फैमिली का ही कुछ लेना देना नहीं है.

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जून 2015 में कहा था “जो लोग योग का विरोध कर रहे हैं उन्‍हें भारत छोड़ देना चाहिए. सूर्य नमस्‍कार को नहीं मानते उन्‍हें समुद्र में डूब जाना चाहिए.”
अगर इस बयान को सीरियसली लिया जाता तो जमीन की आधी आबादी समंदर में पड़ी होती.

फरवरी 2015 में कहा था “अगर अनुमति मिले तो देश के सभी मस्जिदों के अंदर गौरी-गणेश की मूर्ति स्थापित करवा देंगे. आर्यावर्त ने आर्य बनाए, हिंदुस्तान में हम हिंदू बना देंगे. पूरी दुनिया में भगवा झंडा फहरा देंगे.

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इसको चाहो तो विवादित नहीं भी मान सकते. शुरुआत में ही क्लियर कर दिया था कि अगर अनुमति मिले तो ऐसा करेंगे. बाकी उनकी क्षमता तो ऐसी है कि बिना अनुमति के भी ये सब काम कर सकते हैं. उनके पास हिंदू युवा वाहिनी नाम की निजी सेना है.

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साल 2014 में योगी का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वो कह रहे थे “मुसलमान अगर एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराएंगे तो हम 100 मुस्लिम लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराएंगे.”
एक बार कहीं बोल दिया था कि शाहरुख और हाफिज सईद एक जैसे हैं. इस बात से पाकिस्तान के लोग बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखेंगे. उनके हाफिज सईद ने रा वन और जीरो जैसी फ्लॉप फिल्में नहीं बनाईं.

वैसे उनके बयान कितने भी जहरीले रहते हों, जनता समझदार है वो जानती है कि एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकालना होता है. लेकिन उनके बयानों में फैक्चुअल मिस्टेक बहुत होती हैं. जैसे अखलाक के पाकिस्तान जाने वाली बात ही ले लो.

इससे पहले दो बार अजमल कसाब को कस्टडी में बिरियानी खिलानी वाली बात कर चुके हैं. जबकि वो फ़ेक खबर थी. सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बताया था कि ये पर्सपेक्टिव बदलने के लिए फैलाया गया था. और भारतीय सेना को जो मोदी की सेना बताया था उसकी तो बात ही मत करो.

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