कांग्रेस में अध्यक्ष पद की वैकेंसी खाली, इन नामों पर विचार हो तो पार्टी में आ सकती है नई जान!

ये जिम्मेदारी और इस्तीफा तो सब राज काज है, सबसे अहम सवाल है 'अगला कौन?'

राहुल गांधी के हौसलों की उड़ान ये है कि बड़े बड़े दिग्गज उनका इस्तीफे का फैसला नहीं बदल सके. लोकसभा चुनाव भले हार गए हों लेकिन इस्तीफा देने की स्पिरिट नहीं हारी है. इस बार उन्होंने ट्विटर पर चार पेज के इमोशनल लेटर के साथ इस्तीफा दिया है. सोशल मीडिया हमारी जिंदगी में कितना घुस गया है, राहुल गांधी से पूछिए. अब आदमी नौकरी पाने की खुशी से लेकर इस्तीफा तक सोशल मीडिया पर शेयर करता है.

अपनी इस चिट्ठी में राहुल गांधी ने लिखा है कि ‘कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहना मेरे लिए गर्व की बात है. 2019 लोकसभा चुनाव में मिली हार के लिए मैं जिम्मेदार हूं. हमारी पार्टी के भविष्य के लिए जवाबदेही जरूरी है इसलिए मैं इस्तीफा दे रहा हूं.’ समस्या ये है कि अगर राहुल गांधी की तरह हार के सभी जिम्मेदार इस्तीफा दे दें तो पार्टी में ढेर सारा खाली स्पेस मिलेगा. क्योंकि उसमें कोई बचेगा ही नहीं. रैलियों में भीड़ लाने की जिम्मेदारी लेने वाले ग्राम पंचायत लेवल के कांग्रेसी से लेकर अध्यक्ष के लेवल तक बैठा आदमी, सभी जिम्मेदार हैं.

ये जिम्मेदारी और इस्तीफा तो सब राज काज है, सबसे अहम सवाल है ‘अब कौन?’ कांग्रेस की अगली हार की जिम्मेदारी लेने वाला कोई अध्यक्ष अभी चुना नहीं गया है. इससे बड़ा संकट किसी पार्टी के लिए और क्या होगा? खैर, अभी कांग्रेस पार्टी संकट में है और संकट में किसी का दिमाग काम नहीं करता. ऐसे में जनता की जिम्मेदारी है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को उसका अध्यक्ष चुनने में मदद करे. यहां कुछ लोगों के नाम दिए जा रहे हैं जिन्हें कांग्रेस अध्यक्ष चुना जा सकता है. नाम के साथ वाजिब वजहें भी हैं.

1. सैम पित्रोदा:

Rahul Gandhi, कांग्रेस में अध्यक्ष पद की वैकेंसी खाली, इन नामों पर विचार हो तो पार्टी में आ सकती है नई जान!

हुआ सो हुआ! आगे जो हो वो बुरा न हो. सैम पित्रोदा के साथ सबसे अच्छी बात ये है कि उनकी हिंदी अच्छी नहीं है. ये अपने विवादित बयान के बाद उन्होंने खुद बताया था. दिल्ली में कांग्रेस के विध्वंसकारी प्रदर्शन के लिए सैम पित्रोदा का एंटी सिख रिमार्क भी जिम्मेदार था. इन्हें अब पार्टी की जिम्मेदारी देकर कहना चाहिए- तुम्हीं ने रायता फैलाया है तुम्हीं समेटो.

2. कपिल सिब्बल:

Rahul Gandhi, कांग्रेस में अध्यक्ष पद की वैकेंसी खाली, इन नामों पर विचार हो तो पार्टी में आ सकती है नई जान!

कपिल सिब्बल कांग्रेस नेता होने के अलावा वकील भी हैं. लंदन में ईवीएम टेंपरिंग का शो कराया तो वहां पीछे की कुर्सी पर ये भी जमे दिखे थे. उस पूरे शो को फ्लॉप कराने की जिम्मेदारी इनकी ही थी. वो जिम्मेदारी तो नहीं ली लेकिन कांग्रेस की अगली हार की जिम्मेदारी ले सकते हैं, इन्हें ही पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहिए.

3. दिग्विजय सिंह:

Rahul Gandhi, कांग्रेस में अध्यक्ष पद की वैकेंसी खाली, इन नामों पर विचार हो तो पार्टी में आ सकती है नई जान!

वैसे है तो ये एक आइडिया लेकिन कांग्रेस इसे सीरियसली ले सकती है. दिग्विजय सिंह खुद भले न कुछ कर पाएं लेकिन उनके साथ कंप्यूटर बाबा भी रहते हैं. कंप्यूटर का काम ही होता है सब सही करना. भले दिग्विजय सिंह का फ्यूचर प्रज्ञा ठाकुर के सामने बिगाड़ दिया हो. दिग्विजय सिंह जीतने के बाद इतनी बार हार चुके हैं कि एक बार और हार की जिम्मेदारी ले सकते हैं.

4. अमित शाह:

Rahul Gandhi, कांग्रेस में अध्यक्ष पद की वैकेंसी खाली, इन नामों पर विचार हो तो पार्टी में आ सकती है नई जान!

कांग्रेस के तमाम नेता पहले ही बीजेपी में जा चुके हैं. अब समय आ गया है कि अमित शाह कांग्रेस को ही बीजेपी में मिलाकर उसके अध्यक्ष बन जाएं.

नोट: ये लेख व्यंग्य के उद्देश्य से लिखा गया है, जो कि लेखक के निजी विचार हैं.

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