वैज्ञानिकों ने बनाया कमाल का ग्रेफीन मास्‍क, कोरोना वायरस से देगा 90 प्रतिशत सुरक्षा, जानें इसके बारे में सबकुछ

हांगकांग के सिटी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ग्रेफीन का मास्क (Graphene mask) बनाया है. जो एंटी बैक्टीरियल है. 80 प्रतिशत तक बैक्टीरिया मास्क पर ही मर जाएंगे. धूप में रखने पर 100 प्रतिशत वायरस खत्म हो जाएंगे.

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  • Publish Date - 7:12 pm, Mon, 14 September 20

कोरोना वायरस (CoronaVirus) को खत्म करने के लिए अलग-अलग देशों में वैक्सीन (Vaccine) बनाने का काम चल रहा है. तो वहीं कई देश इस वायरस से बचने के लिए कई तरह के मास्क और दवाइयां बनाने में जुटे हैं. हांगकांग की सिटी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ग्रेफीन का मास्क (Graphene mask) बनाया है. जो एंटी बैक्टीरियल है. 80 प्रतिशत तक बैक्टीरिया मास्क पर ही मर जाएंगे.

अगर मास्क से 100 परसेंट बैक्टीरिया खत्म करना है तो इसे बस 10 मिनट धूप में रखना होगा. अमेरिकन कैमिकल सोसायटी नैनो (ACS Nano) में इस खोज को प्रकाशित किया गया है. मास्क बनाने के बाद शोधकर्ताओं ने इसे ई-क्वाइल पर टेस्ट किया, जिसमें पाया गया कि यह 82 प्रतिशत तक बैक्टीरिया खत्म कर सकता है. ज्यादातर ई-क्वाइल 8 घंटे बाद खत्म हो गए थे.

शोधकर्ताओं ने इसे ह्यूमन कोरोना वायरस पर टेस्ट किया. जिसमें पाया गया कि 5 मिनट के भीतर 90 प्रतिशत वायरस निष्क्रिय हो गए और 10 मिनट तक सूर्य की रोशनी में रखने पर 100 प्रतिशत वायरस खत्म हो गए. ह्यूमन कोरोना वायरस कोविड 19 से अलग होता है. यह सामान्य खांसी बुखार का वायरस है. शोधकर्ताओं की टीम अब ग्रेफीन मास्क का टेस्ट कोविड 19 के वायरस पर भी करने का प्लान बना रही है.

क्या होता है ग्रेफीन

ग्रेफीन एक अणु की मोटाई वाली सामान्य कार्बन की एक पतली परत है जो एंटी बैक्टीरियल भी है. इस पदार्थ की खोज नोबल पुरस्कार विजेता आंद्रे जीम और कोंसटांटिन ने की. ग्रेफीन कार्बन का ही एक रूप है. इस पदार्थ की कोई मोटाई नहीं है. इसी लिए इसे 2D कहा जाता है. बताया जाता है कि इसके अणु आपस में स्टील से भी 100 गुना ज्यादा मजबूती के साथ जुड़े होते हैं. वहीं इसका वजन न के बराबर होता है.