BJP के सिख वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी में कांग्रेस! अशोक गहलोत के घर शबद कीर्तन

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिख समाज के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब सिख विद्यार्थी को परीक्षा केंद्र में किसी भी धार्मिक प्रतीक को धारण करने की छूट होगी.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर बुधवार को शबद कीर्तन का आयोजन किया गया. राजस्थान के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री के निवास पर शबद कीर्तन का आयोजन हुआ. दरअसल बुधवार को श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष में कीर्तन का आयोजन किया गया.

इस प्रकाश पर्व के बाद सियासी पंडितों की मानें तो कांग्रेस पार्टी अब भाजपा के वोट बैंक को साधने लग गई है. दरअसल इंदिरा गांधी के समय में सिखों पर हुए दुर्व्यवहार के बाद कहीं ना कहीं पूरे देश के अंदर सिख समुदाय का वोट कांग्रेस से दूर चला गया था. जिसके बाद से ही कांग्रेस लगातार कई वर्षों से सिख समुदाय के वोटों को रिझाने की कोशिश कर रही है. शायद इसलिए अशोक गहलोत ने भी अपने आलाकमान को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री निवास पर गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व पर शब्द कीर्तन का आयोजन करवाया.

कीर्तन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिख समाज के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब सिख विद्यार्थी को परीक्षा केंद्र में किसी भी धार्मिक प्रतीक को धारण करने की छूट होगी. उनकी पगड़ी, कृपाण और कटार की जांच नहीं की जाएगी. राज्य में सिख समाज में रीति-रिवाजों से हुई शादियों के रजिस्ट्रेशन के उद्देश्य से मैंने राजस्थान आनंद मैरिज रजिस्ट्रेशन नियम-2019 के प्रारूप का अनुमोदन किया है.

कीर्तन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में समाज में चल रही घुंघट प्रथा की ड्यूटी के साथ-साथ समाज के अंदर महिलाओं द्वारा बुर्के लगाने पर कहा, अब समय आ गया है इसे खत्म कर देना चाहिए.