अजमेर: 9 महीने की मासूम को अंदर छोड़ फाइनेंस कंपनी ने घर किया सील, 9 घंटे तक भूख से बिलखती रही बच्ची

मामला अजमेर के पुष्कर का है जहां एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी लोन न चुकाने पर एक घर को सील करने के लिए पहुंचे. कर्मचारियों ने घर में घुस कर सबको धकेल कर बाहर निकाल दिया. इस दौरान एक 9 महीने की मासूम घर में अंदर ही रह गई.
Ajmer Finance company seals 9-month-old innocent inside house, अजमेर: 9 महीने की मासूम को अंदर छोड़ फाइनेंस कंपनी ने घर किया सील, 9 घंटे तक भूख से बिलखती रही बच्ची

राजस्थान के अजमेर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक फाइनेंस कंपनी घर को सील करने पहुंची. इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से एक 9 महीने की बच्ची अंदर ही बंद रह गई. इस बीच बच्ची के मां-बाप रोते-चिल्लाते रहे कि उनकी बच्ची अंदर ही बंद रह गई है. लेकिन किसी ने उनकी गुहार नहीं सुनी.

दरअसल मामला अजमेर के पुष्कर का है जहां एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी लोन न चुकाने पर एक घर को सील करने के लिए पहुंचे. कर्मचारियों ने घर में घुस कर सबको धकेल कर बाहर निकाल दिया. इस दौरान एक 9 महीने की मासूम घर में अंदर ही रह गई. हालांकि बच्ची के मां-बाप कर्मचारियों के सामने रोत रहे, गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उनका दिल एक बार भी नहीं पसीजा.

कर्मचारियों की इस शर्मनाक हरकत की वजह से मासूम बच्ची करीब 9 घंटों तक घर में भूख से रोती-बिलखती रही. हालांकि इसके बाद घर को खोला गया और बच्ची को बाहर निकाला गया.

बच्ची को गोद में लेकर विधायक पहुंचे विधानसभा

इस घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने स्थानीय विधायक से इसकी शिकायत की. जिसके बाद बजट सत्र के दौरान पुष्कर से विधायक सुरेश सिंह रावत बच्ची को गोद में लेकर विधानसभा पहुंच गए. उनके साथ बच्ची के परिवार वाले भी पहुंचे थे. विधायक ने इस मामले को विधानसभा में चल रहे शून्यकाल के दौरान उठाया.

विधायक ने कहा कि फाइनेंस कंपनी ने मकान सील कर दिया और यह भी नहीं देखा कि अंदर 9 माह की बच्ची सो रही है. परिजनों ने बोला भी, मगर कंपनी के लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी.

रावत ने विधानसभा में बोला कि जब फाइनेंस कंपनी वालों ने नहीं सुनी तो थक-हारकर बच्ची के परिजनों ने SDM और लोकल पुलिस की शरण ली. लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई. उधर मकान में कैद बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था.

वहीं विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने भी इस मामले पर कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए. बच्ची के दादा ने फाइनेंस कंपनी पर आरोप लगाया कि कोर्ट से स्टे के बाद भी फाइनेंस कंपनी ने मकान सील किया.

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