YouTube पर अब भी वायरल अलवर गैंगरेप का वीडियो, क्या सो रहा प्रशासन?

अलवर में 26 अप्रैल को हुई खौफनाक वारदात ने सबको झकझोर कर रख दिया है. हर तरफ इस घटना की आलोचना हो रही है.

नई दिल्ली: अलवर गैंगरेप मामले में कुछ लोग ऐसे हैं जो इस घटना से आहत हैं, आरोपियों की निंदा कर रहे हैं. तो कुछ ऐसे भी हैं जो बिना सोचे समझे बड़ी गलती कर रहे हैं. सोशल मीडिया में रेप का वीडियो अभी भी मौजूद है, वहीं साइबर सेल को इस बात की भनक तक नहीं है.

यू-ट्यूब के एक चैनल में इस गैंगरेप का वीडियो अभी भी मौजूद है, हो सकता है कुछ और चैनल्स पर भी वीडियो डाला गया हो. करीब 3000 लोगों ने इस वीडियो को देखा है.

ऐसे में ये सोचने वाली बात है कि ये वीडियो अब तक सोशल मीडिया में मौजूद क्यों है? साइबर पुलिस आखिर क्या कर रही है? सब न्याय की बात कर रहे हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस बात पर क्यों नहीं जा रहा है?

महिला ने कभी यह सोचा भी नहीं होगा कि पति के साथ शॉपिंग पर जाते समय उसके साथ ऐसा कुछ हो जाएगा. पांच युवकों ने थानागाजी के पास, उनकी बाइक रुकवाई और फिर जो वीभत्सस घटना हुई, वो शायद ही पति-पत्नीस के जेहन से कभी हट पाए. पीड़िता के मुताबिक, उसने बलात्कासर का जितना विरोध किया, उन पांचों ने उतने ही जोर से उसे और उसके पति को पीटा.

महिला की इज्जत से खिलवाड़ हुआ है, इससे बुरा कुछ हो सकता है क्या? हां है. और ये आप लोग कर रहे हैं. कैसे? जो लोग गैंगरेप की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल कर आरोपियों को बुरा भला कह रहे हैं, वो महिला की इज्जत का मजाक बना रहे हैं. बेशक आप आरोपियों को कुछ भी कहिए, वो इसके अधिकारी हैं, उनकी हरकत नीचता से भरी है. मगर ऐसा करने के चक्कर में महिला की तस्वीर, रेप के वीडियो वायरल कर आप महिला की जिंदगी को ही मुश्किल बना रहे हैं.

ये ऐसी घटना है, जिसे भूल पाना उस महिला के लिए नामुमकिन होगा. बार-बार अगर यूं ही इस घटना का वीडियो महिला के सामने आता रहा तो उसकी मुसीबतें कम होने की बजाय और बढ़ जाएंगी. हर कोई चाहता है कि रेप पीड़िता को न्याय मिले, आप इसके लिए आवाज उठाइए सही है, लेकिन इस घटना की फोटो और वीडियो हटा लीजिए.