अलवर में एक और गैंगरेप का खुलासा, पुलिस पर मामला दबाने का आरोप

पीड़िता के पिता ने किसी तरह से अपनी बेटी को दरिन्दों के चंगुल से छुड़ाया. पीड़िता ने जब थानागाजी में पुलिस से इसकी शिकायत की तो मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया गया.
Rape, अलवर में एक और गैंगरेप का खुलासा, पुलिस पर मामला दबाने का आरोप

जयपुर: राजस्थान के अलवर जिले में एक और गैंगरेप का मामला सामने आया है. आरोप है कि पुलिस विभाग ने राज्य के थानागाजी इलाके में हुए इस दुष्कर्म को दबाने का प्रयास किया. मीडिया ने जब डीजीपी से इसे लेकर सवाल किया कि तो वो हैरान रह गए. उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, वो कोई जवाब नहीं दे पाए.

पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, वह 27 अप्रैल को भहतरी बाबा के दर्शन के लिए गई थी. इस दौरान उसकी पलसाना गांव के निवासी कैलाश मीणा और उसके एक दोस्त से मुलाकात हुई. कैलाश ने उसे जूस पिलाया. इससे थोड़ी देर बाद उसे चक्कर आने लगा.

महिला ने यह बात कैलाश को बताई. कैलाश ने उसे डॉक्टर के पास लेकर जाने की बात कहकर गाड़ी में बिठा दिया. पीड़िता को जब होश आया तो उसने खुद को एक कमरे में बंद पाया. आरोप है कि उस कमरे में रात को विश्राम नामक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके अगले दिन उसे जयपुर ले जाकर दुष्कर्म किया गया.

Rape, अलवर में एक और गैंगरेप का खुलासा, पुलिस पर मामला दबाने का आरोप
पीड़िता द्वारा पुलिस थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट की कॉपी.

पीड़िता के पिता को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने किसी तरह से अपनी बेटी को उनके चंगुल से छुड़ाया. पीड़िता ने जब थानागाजी में पुलिस से इसकी शिकायत की तो मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया गया. इसके बाद दबाव बढ़ता देख पुलिस ने 4 मई को एफआईआर दर्ज की. हालांकि इसके बाद भी अलवर के एसपी और थाना प्रभारी ने मामले को दबाए रखा.

वहीं, मामले के सामने आने के बाद राजगढ़ के डीसीपी ओमप्रकाश का कहना है कि जल्द ही हम आरोपी पकड़ लेंगे. लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. इसे लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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