राजस्‍थान से कार्यकारी अध्‍यक्ष चुनेगी कांग्रेस, इनमें से किसी एक को बुलाया जाएगा दिल्‍ली

कांग्रेस में नए कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ पार्टी राहुल गांधी के कंधों से काम के बोझ को कम करना चाहती है.

जयपुर. लोकसभा चुनाव में महज 52 सीटें मिलने के बाद से कांग्रेस पार्टी में कोहराम मचा हुआ है. राहुल गांधी के कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस न लेने पर अड़े रहने के कारण पार्टी ने एक कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का मॉडल तैयार किया है. राहुल के विकल्प की तलाश के लिए बुधवार को एके एंटनी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के साथ ही पार्टी राजस्थान के भीतर चल रही अनबन को भी साधना चाहती है.

इसी के तहत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या फिर उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट में से किसी एक को कांग्रेस का अगला कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है. राजस्थान में दो खेमों के चलते कांग्रेस आलाकमान में नाराजगी है. ऐसे में इन दोनों में से किसी एक के नाम पर कभी भी मुहर लग सकती है.

राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर नहीं पहुंचे गहलोत 

पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पुण्यतिथि के अवसर पर दौसा में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ राज्य के 15 मंत्रियों समेत 62 विधायकों की उपस्थिति से राज्य के राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है. इस अवसर पर उपस्थित 62 विधायकों में से चार बहुजन समाज पार्टी के, चार निर्दलीय विधायक शामिल थे. ये चार निर्दलीय विधायक इस साल मार्च में कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अनुपस्थिति राजस्थान कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी को प्रदर्शित करती है. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से चेतावनी के बावजूद यह गुटबाजी बंद नहीं हो रही है.

कांग्रेस के पास 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में 100 विधायक हैं. अपने गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के सहयोग से पार्टी ने सदन में 101 के बहुमत के आंकड़े को छुआ. इसबीच, मार्च 2019 में 12 निर्दलीय विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे, जिससे विधानसभा में पार्टी का आंकड़ा बढ़कर 112 हो गया. वहीं छह बसपा विधायक कांग्रेस को पहले से ही बाहर से समर्थन दे रहे हैं.

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कार्यकारी अध्यक्ष के लिए इन नामों पर भी बन सकती है बात 

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में कुछ और नाम प्रस्तावित किए गए हैं. इनमें अनुसूचित जाति के दो नेता सुशील कुमार शिंदे और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं. वहीं इनके साथ युवा अध्यक्ष के तौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम पर भी विचार किया जा रहा है. सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि नया सेट-अप संसद के बजट सत्र से पहले हो सकता है.

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