CM गहलोत ने हीनियस क्राइम मॉनिटरिंग सेल बनाया, बोले- पहलू खान मामले में हुई लापरवाही

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पहलू खान घटना की वीडियो बनाने वालों को गवाह नहीं बनाया गया. मुजरिम संदेह के आधार पर बरी किए गए.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में हीनियस क्राइम मॉनिटरिंग सेल बनाने की घोषणा की है. एडीजी क्राइम के सुपरविजन में यह सेल एक विशेष इकाई के रूप में काम करेगी. इसका प्रभारी अधिकारी आईजी रैंक का पुलिस ऑफिसर होगा. एक डीआईजी और दो एसपी रैंक के अधिकारी, दो विधि अधिकारी तथा प्रत्येक रेंज व पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में एक-एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या पुलिस उप अधीक्षक रैंक का अधिकारी इसमें शामिल होगा.

सीएम गहलोत ने रविवार को बजट घोषणाओं पर चर्चा की. बैठक में सीएस डीबी गुप्ता, एसीएस फायनेंस निरंजन आर्य व सभी विभागों के शासन सचिव मौजूद रहे. बैठक में अलवर के पहलू खां मामले पर भी विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 75 वीं जयंती मनाने को लेकर भी चर्चा की गई.

‘पहलू खान मामले में बरती गई लापरवाही’
सीएम गहलोत ने कहा है कि पहलू खान मामले में पिछली सरकार ने कई लापरवाहियां बरती हैं. इस मामले में कई खामियां रहीं जिससे आरोपी बरी हो गए. कोर्ट ने हाल ही सुनाए अपने फैसले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया. मुजरिम संदेह के आधार पर बरी किए गए. इस घटना की वीडियो बनाने वालों को गवाह नहीं बनाया गया. यही वो वजहें है कि आरोपी बरी हो गए.

सीएम गहलोत ने कहा, “एक अप्रेल 2017 को घटना घटित हुई. 16 घंटे बाद एफआईआर दर्ज हुई. चार दिन बाद मेडिकल हुआ. आरोपियों को अरेस्ट करने की तत्परता नहीं दिखाई गई. मामले की जांच तीन अलग-अलग अधिकारियों ने की और तीनों ने ही नामजद आरोपियों को घटना में शरीक माना लेकिन जिन छह लोगों को नामजद किया उन्हें अरेस्ट नहीं किया गया.”

‘कई सारे सबूत छोड़ दिए गए’
उन्होंने कहा कि जिस घटना से मोबाइल मिलने की बात कही थी उसे जब्त नहीं किया गया. आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी के बारे में कॉल डिटेल प्राप्त की लेकिन सक्षम अधिकारी से वांछित प्रमाण पत्र नहीं लिया गया.

सीएम गहलोत ने कहा कि एडीजी क्राइम की निगरानी में एक एसआईटी का गठन किया है जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इस मामले में अनुसंधान और अभियोजन के दौरान रही कमियों को पहचान कर दूर किया जाएगा और सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र करने के साक्ष्य ही प्रत्येक की बारीकी से जांच की जाएगी.

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