ओम माथुर बोले- राजस्थान में कांग्रेस की अपनी लड़ाई, सरकार बनाने के लिए क्यों तैयार नहीं होगी बीजेपी?

बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान से जुड़े नेता ओम माथुर ने कहा कि कांग्रेस (Congress) अपने विधायक दल को कभी घोड़ा कहेंगे, कभी बकरा मंडी कहेंगे तो अब अपने लोगों को संभालें. उन्होंने कहा कि इनकी अंतरकलह की वजह से राजस्थान मुश्किलों से गुजर रहा है.
BJP wants Sachin Pilot first move, ओम माथुर बोले- राजस्थान में कांग्रेस की अपनी लड़ाई, सरकार बनाने के लिए क्यों तैयार नहीं होगी बीजेपी?

राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के ऊपर छाए संकट के घने बादलों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को डिप्टी सीएम और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की पहल का इंतजार है. तब तक बीजेपी की ओर से इस सियासी घमासान को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया जा रहा है. बीजेपी के शीर्ष नेता और रणनीतिकार पूरे मामले पर पैनी निगाह बनाये हुए हैं.

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बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान से जुड़े नेता ओम माथुर ने कहा कि कांग्रेस अपने विधायक दल को कभी घोड़ा कहेंगे, कभी बकरा मंडी कहेंगे तो अब अपने लोगों को संभालें. उन्होंने कहा कि इनकी अंतरकलह की वजह से राजस्थान मुश्किलों से गुजर रहा है. जानकारी के मुताबिक माथुर मंगलवार को जयपुर पहुंचने वाले हैं.

टीवी9 भारतवर्ष से ओम माथुर ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस के भीतर दरार बेहद गहरा चुकी है. वे अपने ही डिप्टी सीएम को नोटिस दे रहे हैं. कांग्रेस की अपनी लड़ाई है और ठीकरा बीजेपी पर फोड़ रहे हैं. उन्होंने पूछा कि बीजेपी सरकार बनाने के लिए क्यों नहीं तैयार होगी?

दूसरी ओर माना जा रहा है कि सीएम अशोक गहलोत से नाराज पायलट बीजेपी के कुछ नेताओं के संपर्क में हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं ने इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है. उनकी पायलट से कोई बात हुई है या नहीं इस पर खामोशी बनी हुई है.

गहलोत-पायलट का आज शक्ति प्रदर्शन

कांग्रेस और राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच शक्ति प्रदर्शन के परिणाम का इंतजार कर रही बीजेपी के सामने आज हालात साफ हो जाएंगे क्योंकि कांग्रेस विधायकों की एक अहम बैठक होने वाली है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पायलट ने अपना मन बना लिया है. वह गहलोत के नेतृत्व के साथ जाने को तैयार नहीं हैं.

पायलट की नाराजगी और राजस्थान में सीटों का समीकरण

पायलट राजस्थान से बाहर दिल्ली-एनसीआर में हैं. उन्होंने खुले तौर पर असंतोष प्रकट किया है. पायलट का दावा है कि उन्हें कांग्रेस के 30 विधायकों और कुछ अन्य निर्दलीय सदस्यों का समर्थन प्राप्त है. इसके अलावा उनसे जुड़े लोगों की ओर से कहा गया है कि गहलोत सरकार अल्पमत में है. राजस्थान विधानसभा में 200 सीटें हैं. बहुमत के लिए 101 सीटों की जरूरत है. कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं. बीजेपी के पास 72 और अन्य दलों के या निर्दलीय कुल 21 विधायक हैं.

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने किया ट्वीट

हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और मध्य प्रदेश में बड़े सियासी उलटफेर के सूत्रधार रहे ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने सचिन पायलट की नाराजगी को जायज बताया. उन्होंने रविवार को ट्वीट किया कि कांग्रेस में प्रतिभाओं की कद्र नहीं होती. उन्‍होंने अपने पुराने सहयोगी को याद करते हुए कहा, ”सचिन पायलट को भी राजस्‍थान सीएम द्वारा साइडलाइन और सताया जाता देख दुखी हूं. यह दिखाता है कि कांग्रेस में प्रतिभा और क्षमता की कद्र नहीं है.”

मध्य प्रदेश और राजस्थान के सियासी गणित में अंतर

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक रविवार शाम बीजेपी के रणनीतिकार और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राजस्थान के सियासी उतार-चढ़ाव पर गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की है. धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में आने के दौरान भी काफी सक्रिय थे. हालांकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में सियासी समीकरण काफी अलग हैं. इसलिए भी बीजेपी पायलट के अगले कदम का इंतजार कर रही है.

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