जयपुर के सबसे बड़े महिला अस्पताल का दावा- कोरोना काल में बढ़ी गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर

राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर (Jaipur) में सबसे बड़े ​महिला अस्पताल के अंदर कोरोना (Check-up) काल में प्रेग्नेंट ​महिलाओं (Pregnant Woman) के रुटीन चेकअप और मौत के आंकड़े चौकाने वाले हैं.
Death rate of pregnant women increased, जयपुर के सबसे बड़े महिला अस्पताल का दावा- कोरोना काल में बढ़ी गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर

कोरोनावायरस (Coronavirus) से भारत में अब तक 18, 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना के चलते अकेले राजस्थान (Coronavirus in Rajasthan) में मरने वालों की संख्या 440 के पार है. ​​​​कोरोना काल के अन्दर यूं तो हर उम्र के लोगों को समस्या आ रही है, लेकिन संक्रमण के इस काल में गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर राजस्थान में बढ़ी है. राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर (Jaipur) में सबसे बड़े ​महिला अस्पताल के अंदर कोरोना (Check-up) काल में प्रेग्नेंट ​महिलाओं (Pregnant Woman) के रुटीन चेकअप और मौत के आंकड़े चौकाने वाले हैं.

टीवी 9 भारतवर्ष ने राजस्थान के सबसे बड़े महिला अस्पतालों में शुमार जयपुर के जनाना अस्पातल ​​की अधीक्षक डॉ पुष्पा नागर से बातचीत की. पुष्पा नागर ने बताया कि कोरोना काल में प्रेग्नेंसी केस जनाना अस्पातल में बहुत कम आए हैं. पर मृत्यु दर में बढ़ोतरी हुई है.  वहीं चिकित्सा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे राजस्थान के अंदर कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर बढ़ी है.

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कोरोनाकाल में आधे से भी कम हुई डिलिवरी और ओपीड़ी

राजस्थान के सबसे बड़े महिला अस्पताल जनाना में कोरोना काल के अंदर गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी बहुत कम हुई हैं. वरिष्ठ डॉ पुष्पा नागर ने बताया कि कोरोना में हमारी ओपीड़ी जनवरी-फरवरी के अपेक्षा बहुत कम हुई. जनवरी में ओपीड़ी जहां 13 हजार 353 थी, और फरीवरी में 13 हजार 549 तो वहीं मार्च में ओपीडी 8 हजार 660 हो गई. लॉकडाउन के वक्त अप्रैल में ओपीडी 2514 पर ही सिमट गई.

मई में 4 हजार 345 ओपीड़ी रही. बात करे अनलॉक के दौरान की तो जून में ओपीडी 9 हजार तक पहुंच गयी है. प्राइवेट अस्पताल में समस्या होने के बावजूद कोरोना के समय डिलिवरी भी कम हुई. जहां जनवरी और फरवरी में डिलिवरी का आंकड़ा 1663 और 1547 था तो वहीं मार्च,अप्रैल और मई में क्रमश: 1424, 1050, 1120 रह गया.

लॉकडाउन में गर्भवती महिलाओं की बढ़ी मृत्यु दर

डॉ. पुष्पा नागर ने बताया कि कोरोना काल में मृत्य दर बढ़ी है. अकेले जनाना अस्पातल की बात करें तो यहां पर जनवरी में 1,  फरवरी में 2 और मार्च में भी 2 गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान मौत हुई. लेकिन अप्रैल, मई और जून में यह संख्या बढ़ी है. अप्रैल में 7, मई में 7 और जून में 5 प्रेग्रेंट महिलाओं की मौत हुई है. यानी कोविड़ 19 प्रकोप के तीन माह के अन्दर अब तक 20 प्रेग्रेंट महिलाओं की मौत हो चुकी है.

वही राजस्थान के सबसे बड़े अस्पातलों में शुमार जनाना में 27 महिलाएं ​इलाज के दौरान कोरोना पॉजिटिव मिलीं. डॉ. पुष्पा नागर ने बताया कि प्रेग्रेंट महिलाओं का मृत्यु दर बढ़ने का कारण कोरोना नहीं बल्कि कोरोना महामारी के दौरान जिन महिलाएं रुटिंन चैकअप नहीं करवाया, जिन्होंने आयरन और कैल्शियम की गोली समय पर नहीं खायी, जिनका ब्लड़ प्रेशर बढ़ गया है. इस के चलते सभी अस्पातलों में गर्भवती महिलाओं के जटिल केस ज्यादा आये. पुष्पा नागर ने कहा कि गर्भवती महिलाएं को सामने देखकर ही डॉक्टर अच्छा इलाज कर सकता है. गर्भवती महिलाओं के केस में आनलाइन परार्मश सही नहीं है.

संक्रमित प्रेग्रेंट महिला के शिशु पर कोरोनावायरस का प्रभाव नहीं

वैसे अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिल पाया है कि कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला के शिशु को अपनी मां से वायरस मिल सकता है. हांलाकि इसे वर्टिकल ट्रांसमिशन कहा जाता है. लेकिन राजस्थान की सीनियर गायनोकॉलोजिस्ट ने दावा किया है कि ऐसा नहीं होता.

उनका कहना है कि अगर मां कोरोना पॉजिटिव है तो बच्चा भी होगा. हांलाकि एक दो मामले ऐसे सामने आये हैं, जिनमें बच्चे को कोरोना पॉजिटिव हुआ है. पर अब तक पता नहीं चला है, वायरस जन्म से पहले आया है या बाद में. लेकिन मेरी जानकारी के अनुसार, वायरस बाद में आया होगा. वहीं पुष्पा नागर ने कहा कि गर्भवती महिला जो कोरोना पॉजिटिव हैं वो मास्क लगाकर बेबी फिडिंग भी करवा सकती हैं. उससे कोरोना नहीं फैलता है लेकिन कई बातों को ध्यान में रखना होता है.

क्या कोरोना की चपेट में जल्दी आ रहीं गर्भवती महिलाएं?

डॉ. नागर ने बताया कि गर्भवती महिलाएं कोरोना के ड़र के चलते रुटिंग चेकअप पर नहीं जा रही हैं. अफवाह फैल रही है कि गर्भवती महिलाएं कोरोना वायरस की चपेट में जल्द आ रही हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. सेहमंद वयस्कों की तुलना में गर्भवती महिलाओं को कोरोनावायरस अधिक प्रभावित कर रहा है ऐसा कुछ नहीं है. गर्भवती महिलाओं को बस थोड़ा ध्यान रखना होगा. घर से बाहर निकलें तो मास्क लगाकर निकलें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

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